Pakistan Senator UAE Akhand Bharat: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़े कर्ज के मुद्दे पर पाकिस्तान में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच पाकिस्तानी सीनेटर मुशाहिद हुसैन ने एक टीवी कार्यक्रम के दौरान यूएई पर टिप्पणी करते हुए उसे “पैसों की जरूरत वाला देश” बताया और पाकिस्तान सरकार के कर्ज चुकाने के फैसले का समर्थन किया।
पाकिस्तानी चैनल Dunya News पर बातचीत के दौरान हुसैन ने कहा कि उन्हें खुशी है कि पाकिस्तान ने यूएई का कर्ज लौटाने का निर्णय लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “हमारे यूएई के भाइयों को पैसे की जरूरत है, इसलिए उन्हें पैसा लौटाना बिल्कुल सही कदम है।” इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
हुसैन ने आगे दावा किया कि यूएई के विकास और उसकी सैन्य संरचना में पाकिस्तान की अहम भूमिका रही है। उनके अनुसार, पाकिस्तान ने यूएई की सेना को प्रशिक्षण देने में मदद की और कठिन समय में उसका साथ दिया। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस तरह के दावे द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।
अपने बयान में हुसैन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएई ने ट्रंप को बड़ी आर्थिक सहायता दी है और वह यमन व सूडान जैसे क्षेत्रों के संघर्षों में भी उलझा हुआ है।
इसके अलावा, हुसैन ने यूएई और भारत के बढ़ते संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यूएई में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं और इशारों में “अखंड भारत” जैसे विचारों का जिक्र करते हुए यूएई को सतर्क रहने की सलाह दी।
हालांकि, इन बयानों पर अभी तक यूएई या भारत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी पहले से संवेदनशील क्षेत्रीय कूटनीतिक माहौल को और जटिल बना सकती है।
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UAE ने पाकिस्तान से 2 बिलियन डॉलर का कर्ज हर हाल में 17 अप्रैल 2026 तक चुकाने को कहा है। यह कर्ज यूएई ने पाकिस्तान को वर्ष 2018 में दिया था, जिसे अब वापस लेने के लिए उसने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह मांग एक बड़ा झटका साबित हो सकती है।