आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ब्रिटेन से लेकर नेपाल तक, PAK ने एक साथ बदले 19 देशों के राजदूत; मुनीर के ‘खास’ उस्मान को मिली लंदन की कमान

Pakistan Replaces Ambassadors: पाक ने विदेश सेवा में भारी बदलाव करते हुए 19 देशों में नए राजदूत नियुक्त किए हैं। इस फेरबदल में सेना प्रमुख आसिम मुनीर के करीबियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई।

अमन उपाध्याय

Pakistan News In Hindi: पाकिस्तान सरकार ने अपनी विदेश नीति और कूटनीतिक तंत्र में बड़ा बदलाव करते हुए अहम प्रशासनिक फेरबदल किया है। विदेश मंत्री इशाक डार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने एक साथ विभिन्न देशों में तैनात 19 राजदूतों को बदलने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता को नई दिशा देने की कोशिशें जारी हैं।

सरकार का मानना है कि बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य और रणनीतिक चुनौतियों को देखते हुए विदेश नीति में नई ऊर्जा और प्रभावशीलता लाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग देशों में नियुक्त राजदूतों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, ताकि पाकिस्तान अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर सके तथा आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा हितों को बेहतर तरीके से साध सके। इसके अलावा अमेरिका के लॉस एंजिल्स और अफगानिस्तान के कंधार सहित पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर नए काउंसिल जनरल की नियुक्ति भी की गई है।

सेना प्रमुख के करीबियों को तरजीह

इस पूरे फेरबदल में सबसे चर्चा का विषय उस्मान टीपू की नियुक्ति है, जिन्हें लंदन (ब्रिटेन) का नया हाई कमिश्नर बनाया गया है। उस्मान टीपू को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का बेहद करीबी और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का धुर विरोधी माना जाता है। गौरतलब है कि 2019 में यूएन मिशन में तैनाती के दौरान टीपू पर इमरान खान से संबंधित एक लेटर लीक करने का आरोप लगा था जिसके बाद उन्हें निलंबित भी किया गया था।

शरीफ परिवार के रिश्तेदार को जर्मनी की कमान

ब्रिटेन के अलावा जर्मनी में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में तैनात और शरीफ परिवार के रिश्तेदार सलमान शरीफ को जर्मनी का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। वहीं, इमरान अहमद सिद्दीकी को ईरान (तेहरान) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा तजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, थाईलैंड, नेपाल, नॉर्वे और केन्या जैसे देशों में भी नए चेहरों की तैनाती की गई है।

'आर्थिक कूटनीति' पर रहेगा जोर

विदेश मंत्री इशाक डार के अनुसार, इन सभी नियुक्तियों के पीछे मुख्य उद्देश्य आर्थिक कूटनीति को बढ़ावा देना है। सरकार का कहना है कि इन राजदूतों का कार्यकाल पूरा हो चुका था, इसलिए यह बदलाव आवश्यक था। दिलचस्प बात यह है कि चीन और सऊदी अरब में राजदूत बदले जाने की चर्चाएं तो थीं, लेकिन फिलहाल उन देशों की लिस्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा

किसानों को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, MSP में बढ़ोतरी की मंजूरी; ₹2.79 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान

पंजाब में चिट्टे पर गरमाई सियासत! शाह का मान पर वार, बोले- पंजाब को नशा मुक्त करके रहेंगे

उमर खालिद और शरजील इमाम को फिर झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज