पाकिस्तान बाढ़ और रोज़गार संकट (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

ILO की नई रिपोर्ट: 2025 की बाढ़ से Pakistan में 33 लाख नौकरियां प्रभावित, कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान

Labor Market Impact: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 2025 की भीषण बाढ़ के कारण Pakistan में लगभग 33 लाख नौकरियां प्रभावित हुई हैं जिससे ग्रामीण इलाकों और कृषि में संकट पैदा हो गया है।

प्रिया सिंह

Pakistan Flood Job Crisis Report: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने पाकिस्तान में बाढ़ के विनाशकारी प्रभावों को लेकर एक गंभीर आकलन रिपोर्ट जारी की है। इस नई रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण देश में भारी तबाही देखने को मिली है। बाढ़ की वजह से पूरे Pakistan में लगभग 33 लाख या 3.3 मिलियन नौकरियां और आजीविका बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने सबसे ज्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों और वहां के छोटे कमजोर समुदायों के रोजगार को पहुंचाया है।

रोजगार पर सबसे ज्यादा असर

ILO के अनुसार पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के 14 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में इस भारी नुकसान का आकलन किया गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि रोजगार पर सबसे ज्यादा असर पंजाब के बाढ़ प्रभावित जिलों में पड़ा है। कुल रोजगार नुकसान का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा केवल ग्रामीण इलाकों में दर्ज किया गया है जहां कृषि सबसे ज्यादा प्रभावित हुई।

विभिन्न क्षेत्रों में भारी नुकसान

कृषि क्षेत्र के भारी नुकसान के बाद सेवा और औद्योगिक क्षेत्रों पर भी इस बाढ़ का बहुत गहरा असर साफ दिखाई दिया है। दिहाड़ी मजदूरों और छोटे किसानों के साथ-साथ स्वरोजगार करने वाले और ग्रामीण क्षेत्रों के कमजोर वर्गों को नुकसान हुआ है। यह महत्वपूर्ण जानकारी Pakistan के विदेश एवं मानव संसाधन विकास मंत्री सालिक हुसैन ने इस आकलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दी।

वैश्विक संस्थाओं का सहयोग

रोजगार और आजीविका के नुकसान का यह विस्तृत आकलन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तकनीकी नेतृत्व में किया गया है। इस महत्वपूर्ण काम में संयुक्त राष्ट्र एशियाई विकास बैंक यूरोपीय संघ और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं का भी पूरा सहयोग रहा। प्रांतीय स्तर पर मुआवजा योजनाओं के जरिए तत्काल राहत और पुनर्वास की बुनियादी जरूरतों को कुछ हद तक पूरा किया गया है।

आजीविका बहाल करने की जरूरत

प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आजीविका को पूरी तरह से बहाल करने के लिए अभी व्यापक और निरंतर समर्थन की जरूरत है। रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है कि 'कैश-फॉर-वर्क' कार्यक्रम और कौशल प्रशिक्षण जैसे कुछ बेहद जरूरी और ठोस कदम उठाए जाएं। इसके अलावा सब्सिडी वाले ऋण भी दिए जाने चाहिए ताकि प्रभावित परिवार छोटी कृषि और आर्थिक गतिविधियों को फिर शुरू कर सकें।

कमजोर समुदायों पर प्रभाव

Pakistan में ILO के कंट्री डायरेक्टर गीर टोंस्टोल ने बाढ़ के कारण पैदा हुई इस गंभीर स्थिति पर अपनी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ ने पहले से ही कमजोर समुदायों की आर्थिक स्थिति को और भी ज्यादा गंभीर और दयनीय बना दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर ऐसे कदम उठाने की जरूरत है जो रोजगार और आय की बहाली को सुनिश्चित कर सकें।

भविष्य के लिए ठोस रणनीति

जलवायु जनित आपदाओं के प्रति लोगों की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित करना इस समय Pakistan सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। ILO ने साल 2022 की बाढ़ के बाद तैयार की गई 'वर्क क्राइसिस रिस्पॉन्स स्ट्रेटजी' को फिर से लागू करने की जरूरत बताई। इस रणनीति से भविष्य में आपदा प्रबंधन अधिक प्रभावी और समन्वित हो सकेगा जिससे गरीब लोगों को कम से कम नुकसान होगा।

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