पाकिस्तान की डूबती नैया पार! सऊदी से मिली अरबों डॉलर की मदद, अब कर्ज चुकाने की टेंशन खत्म

Pakistan Billion Dollar Aid: आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान को सऊदी अरब ने 2 अरब डॉलर की नकद मदद दी है। यह राशि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के तीन देशों के दौरे के बीच मिली है।
Pakistan's Sinking Ship Saved! Billions in Aid Received from Saudi Arabia; Worry Over Repaying UAE Debt Ends.
शहबाज शरीफ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan Billion Dollar Aid Saudi Arabia: गंभीर आर्थिक संकट और विदेशी कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण कूटनीतिक दौरे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए 2 अरब डॉलर की तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह मदद ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज चुकाने का भारी दबाव बना हुआ था।

शहबाज शरीफ के दौरे के बीच बड़ी कामयाबी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों सऊदी अरब, कतर और तुर्किए के आधिकारिक दौरे पर हैं। उनके इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य देश के लिए वित्तीय सहायता जुटाना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। इसी बीच, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर की राशि प्राप्त हो चुकी है। सेंट्रल बैंक के अनुसार, यह राशि 15 अप्रैल 2026 की वैल्यू डेट के साथ पाकिस्तान के खाते में जमा की गई है।

UAE का कर्ज चुकाने की मजबूरी

पाकिस्तान के लिए यह मदद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसे इस महीने (अप्रैल) के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 3 अरब डॉलर का पुराना कर्ज लौटाना है। रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के महीने में पाकिस्तान यूएई के साथ 3.5 अरब डॉलर की ऋण सुविधा को आगे बढ़ाने (rollover) में विफल रहा था, जो पिछले सात वर्षों में पहली ऐसी विफलता थी। इस असफलता ने इस्लामाबाद की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन सऊदी अरब द्वारा दी गई इस सहायता ने अब देश को डिफ़ॉल्ट होने के खतरे से फिलहाल बचा लिया है।

सऊदी अरब का दीर्घकालिक भरोसा

सऊदी अरब ने न केवल 2 अरब डॉलर की नकद मदद दी है, बल्कि पाकिस्तान के लिए अतिरिक्त 3 अरब डॉलर के डिपॉजिट का भी वादा किया है। इसके साथ ही, रियाद ने अपनी मौजूदा 5 बिलियन डॉलर की ऋण सुविधा को तीन साल के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि अब यह डिपॉजिट वार्षिक रोलओवर के बजाय लंबे समय के लिए सुरक्षित रहेगा।

आर्थिक चुनौतियां अभी भी बरकरार

सऊदी मदद के बावजूद पाकिस्तान की आर्थिक राह आसान नहीं है। देश में महंगाई अपने चरम पर है और विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) पर लगातार दबाव बना हुआ है। 27 मार्च तक पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 बिलियन डॉलर था, जो बमुश्किल तीन महीने के आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त है।

कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर रहे हैं। आईएमएफ (IMF) समर्थित सुधारों के तहत पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बाहरी फंडिंग का जोखिम अभी भी एक बड़ी कमजोरी बना हुआ है।

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