शहबाज शरीफ, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान की नई साजिश, फर्जी सैटेलाइट तस्वीरों से भारत पर हमले का झूठा दावा

Pakistan Fake Satellite Images: पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर फर्जी सैटेलाइट तस्वीरें फैलाकर भारत के सैन्य ठिकानों पर हमले का झूठा प्रचार शुरू किया है।

अमन उपाध्याय

Pakistani News In Hindi: पाकिस्तान एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी झूठी और नाकाम कहानी को सोशल मीडिया के जरिए हवा देने की कोशिश कर रहा है। हताशा में पाकिस्तान से जुड़े कई सोशल मीडिया अकाउंट भ्रामक और बिना पुष्टि वाली सैटेलाइट तस्वीरें साझा कर रहे हैं। इन तस्वीरों के जरिए यह दावा किया जा रहा है कि भारत के पंजाब, खासकर अमृतसर के आसपास स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए थे।

हालांकि रक्षा विशेषज्ञों और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) विश्लेषकों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा की जा रही तस्वीरें न केवल अधूरी हैं, बल्कि जानबूझकर सीमित क्षेत्रों को दिखाया गया है ताकि भ्रम पैदा किया जा सके।

हमले के ठोस संकेत मौजूद नहीं

ओपन-सोर्स विश्लेषकों के मुताबिक, इन कथित सैटेलाइट तस्वीरों में किसी भी तरह के हमले के ठोस संकेत मौजूद नहीं हैं। न तो किसी गड्ढे के निशान दिखाई देते हैं, न मलबा, न आग से जले हुए क्षेत्र और न ही किसी इमारत या ढांचे को नुकसान के संकेत मिलते हैं। यहां तक कि उन्हीं स्थानों की पुरानी और नई तस्वीरों की तुलना करने पर भी किसी प्रकार का बदलाव नजर नहीं आता।

भारतीय सैन्य ठिकानों का पाकिस्तान दावा

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जिन भारतीय सैन्य ठिकानों का पाकिस्तान दावा कर रहा है वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। स्वतंत्र जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि वहां किसी तरह का विस्फोट या सैन्य हमला नहीं हुआ। आसपास के इलाकों में भी किसी नुकसान या असामान्य गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।

सात महीने बाद सामने क्यों आईं तस्वीरें?

विशेषज्ञ इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि कथित तस्वीरें सात महीने बाद सामने क्यों आईं। न तो इनमें तारीख का जिक्र है, न सैटेलाइट का स्रोत बताया गया है और न ही किसी विश्वसनीय एजेंसी ने इनकी पुष्टि की है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ये तस्वीरें बाद में गढ़ी गई हैं और वास्तविक घटनाओं से इनका कोई लेना-देना नहीं है।

पाकिस्तानी हमले का कोई सबूत नहीं

गौरतलब है कि बीते वर्ष मई में जब वास्तविक सैन्य घटनाएं हुई थीं तब भी पाकिस्तान अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस सैटेलाइट सबूत पेश नहीं कर पाया था। इसके बावजूद 'जीत के आंकड़े' और भारत की रणनीतिक ताकत को नुकसान जैसे दावे सोशल मीडिया पर किए गए, जिन्हें कोई भी स्वतंत्र जांच सही साबित नहीं कर सकी।

डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह की गलत सूचना फैलाने का मकसद अपने देश के भीतर जनता को गुमराह करना, सैन्य असफलताओं को छिपाना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भ्रम पैदा करना है। हकीकत साफ है ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पंजाब में किसी भी भारतीय सैन्य ठिकाने पर पाकिस्तानी हमले का कोई सबूत नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही यह नई कहानी पूरी तरह झूठी और प्रचार आधारित है।

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