Pakistan Earthquake News In Hindi: पूरी दुनिया में इस समय प्राकृतिक आपदाओं का एक खतरनाक सिलसिला देखने को मिल रहा है। शनिवार सुबह पड़ोसी देश पाकिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिसने स्थानीय निवासियों में भारी दहशत पैदा कर दी।
रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गई है। यूरोपियन मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, यह भूकंप जमीन के नीचे लगभग 35 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूकंप के ये झटके शनिवार सुबह स्थानीय समयानुसार 8:53 बजे महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पाकिस्तान में जमीन से लगभग 40 से 75 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में अभी तक किसी भी जान-माल के बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
https://twitter.com/NCS_Earthquake/status/2070709518028390751
पाकिस्तान में भूकंप का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार शाम को भी बलूचिस्तान के कई हिस्सों में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया था।
शुक्रवार को आए उस भूकंप का केंद्र कोहलू से 60 किमी उत्तर-पूर्व में था और उसके झटके झोब, बरखान और राखनी जैसे इलाकों में भी महसूस किए गए थे। लगातार दूसरे दिन आए इन झटकों ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पाकिस्तान में आए इन झटकों ने लोगों को इसलिए भी डरा दिया है क्योंकि हाल ही में वेनेजुएला में भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। वेनेजुएला में गुरुवार को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंपों ने शहरों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया, जिसमें अब तक 920 लोगों की मौत और 3,000 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। वहां हजारों लोग अब भी लापता हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती इस भूकंपीय सक्रियता ने भू-वैज्ञानिकों के बीच भी चिंता पैदा कर दी है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, रिक्टर स्केल पर 5.0 से 5.9 तीव्रता के भूकंप को 'गंभीर' श्रेणी में रखा जाता है। इस तीव्रता के झटके कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और दीवारों में दरारें पैदा कर सकते हैं। हालांकि, 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले भूकंप को हल्का माना जाता है, जबकि 6.0 से ऊपर की तीव्रता जबरदस्त तबाही लाने में सक्षम होती है। पाकिस्तान के मामले में, गहराई अधिक होने के कारण फिलहाल बड़े नुकसान की संभावना कम जताई जा रही है।