Pakistan Airstrikes In Afghanistan: पाकिस्तान ने एक बार फिर पड़ोसी देश अफगानिस्तान के 10 ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक की है। गुरुवार को किए गए इस हमले की तस्दीक पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने आधिकारिक रूप से की है। पाक
हमले के बाद अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए कड़ा कूटनीतिक विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इस अकारण और आक्रामक सैन्य नीति के खिलाफ सभी अफगान नागरिक पूरी तरह से एकजुट और दृढ़ खड़े हैं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन हवाई हमलों की जानकारी दी। उनके अनुसार पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के अंदर 10 अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान का दावा है कि इन स्थानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ ड्रोन हमलों की तैयारी या उन्हें लॉन्च करने के लिए किया जा रहा था।
तराड़ ने कहा कि कार्रवाई पाकिस्तान के संप्रभु और आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई। उन्होंने इन हमलों को सटीक और सीमित बताते हुए कहा कि निशाना केवल उन्हीं ठिकानों को बनाया गया, जिनका संबंध पाकिस्तान पर होने वाले हमलों से था।
पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने इसकी आलोचना की। करजई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने कंधार, खोस्त और पक्तिया सहित अफगानिस्तान के कई इलाकों में बमबारी की है।
करजई के अनुसार पाकिस्तान की मौजूदा नीति दोनों देशों के संबंधों को और तनावपूर्ण बना रही है। उन्होंने अफगान नागरिकों से पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ एकजुट रहने की बात कही। साथ ही उन्होंने इस्लामाबाद से अफगानिस्तान के साथ बेहतर पड़ोसी संबंधों का रास्ता अपनाने की अपील की।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हाल के दिनों में सीमा पार सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ा है। पाकिस्तान ने इससे पहले बुधवार को अफगानिस्तान की तरफ से आठ इलाकों में ड्रोन हमले की कोशिश का दावा किया था। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों को नाकाम कर दिया गया।
इससे पहले सोमवार को भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दो इलाकों में हवाई हमले किए थे। उस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था।
हालांकि अफगान अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए तीन नागरिकों की मौत और चार लोगों के घायल होने की बात कही थी। दोनों पक्षों के दावों में अंतर के बीच सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों पर असर पड़ने के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।