तालिबानी रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब, शहबाज शरीफ (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

तो इस्‍लामाबाद को कर देंगे तबाह...,तालिबान ने शहबाज-मुनीर को दी खुली धमकी, पाकिस्तान में मची हड़कंप

Pak-Afghan Peace Talks: तुर्की में पाकिस्तान-अफगानिस्तान शांति वार्ता विफल होती दिख रही है। तालिबान ने चेतावनी दी कि अगर अफगान जमीन पर हमला हुआ, तो इस्लामाबाद निशाने पर होंगा।

अक्षय साहू

Taliban Warns Pakistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तुर्की में चल रही शांति वार्ता विफल होती नजर आ रही है। इस बीच आफगान तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अफगानिस्तान के किसी हिस्से पर हमला होता है, तो पाकिस्तान को इसका जवाब मिलेगा। इसके साथ ही यह भी कहा कि वो बड़े शहरों के साथ राजधानी इस्लामाबाद पर भी हमला करेंगे।

तुर्की में पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत के दौरान तालिबान ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा और अगर अफगान जमीन पर बमबारी की गई तो इस्लामाबाद को निशाना बनाया जाएगा। अफगान पक्ष वार्ता के प्रति प्रतिबद्ध था, लेकिन पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल इस प्रतिबद्धता में शामिल नहीं दिखा।

वार्ता में बाधा डाल रहा पाक प्रतिनिधिमंडल

अफगान प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की, लेकिन उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता में बाधा डालने की कोशिश की। बैठक के दौरान अफगान पक्ष रचनात्मक बातचीत और समस्या के समाधान की पूरी कोशिश कर रहा था, लेकिन पाकिस्तानी पक्ष सहयोगी नहीं दिखा। सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल में कोई स्पष्ट समन्वय नहीं था और वे बातचीत की टेबल से पीछे हटने को तैयार थे।

बैठक के दौरान पाकिस्तान ने अफगान पक्ष से यह स्वीकार करने को कहा कि टीटीपी के हमलों के समय उसे अफगानिस्तान में जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। लेकिन तालिबान इससे साफ इनकार कर दिया और कहा कि टीटीपी का मुद्दा पाकिस्तान की घरेलू समस्या है, जिसमें तालिबान का कोई दखल नहीं है। तालिबान ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान में किसी भी जगह हमला करता है, तो इसे युद्ध का ऐलान माना जाएगा और इस्लामाबाद को निशाना बनाया जाएगा।

तुर्की में शांति वार्ता विफल

तालिबान की इस चेतावनी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि तुर्की में आयोजित पाकिस्तान-अफगानिस्तान शांति वार्ता असफल रही। अफगान प्रतिनिधिमंडल ने समाधान और शांति के प्रयास किए, लेकिन पाकिस्तान पक्ष की ओर से सहयोग और समझौते की भावना का अभाव रहा। इस वार्ता की विफलता से यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा और टीटीपी के मुद्दों पर गंभीर मतभेद बने हुए हैं।

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

Diwali Trains: मुंबई-नागपुर के बीच 12 और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, 4 नवंबर से शुरू होगी बुकिंग; जानिए शेड्यूल

राहुल ने PM मोदी को दी खुली चुनौती: बोले- डरिए मत, मंच पर आमने-सामने बैठिए; राजनाथ-समेत 4 नेताओं से की अपील

SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब तो भी भर सकेंगे फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने दी बड़ी राहत

दिवाली-छठ पर यूपी-बिहार वालों को ट्रेनों में मिल सकता है कन्फर्म टिकट, रेलवे चला रहा करीब 2,000 स्पेशल ट्रेनें