ईरान जंग में अमेरिका को भारी नुकसान, एआई फोटो 
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Operation Epic Fury: पेंटागन ने पहली बार माना सैन्य नुकसान, ईरान युद्ध में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत; 365 घायल

Operation Epic Fury Death Toll: पेंटागन ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में हुए नुकसान का पहला आधिकारिक डेटा जारी किया है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए।

अमन उपाध्याय

Operation Epic Fury Pentagon Casualties: वाशिंगटन से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां अमेरिकी रक्षा मंत्रालय, पेंटागन ने Operation Epic Fury के दौरान हुए सैन्य नुकसान के आधिकारिक आंकड़े पहली बार सार्वजनिक कर दिए हैं।

रक्षा विभाग के 'डिफेंस कैजुएल्टी एनालिसिस सिस्टम' (DCAS) में इन आंकड़ों को शामिल किया गया है जिससे इस अभियान में हुए हताहतों की आधिकारिक पुष्टि अब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो गई है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब तक इस संघर्ष में हुए नुकसान के बारे में केवल अनुमान ही लगाए जा रहे थे।

13 सैनिकों की मौत

पेंटागन द्वारा साझा किए गए आधिकारिक विवरण के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर शुरू हुए इस संयुक्त सैन्य अभियान में अब तक कुल 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। इसके अतिरिक्त, युद्ध के दौरान 365 सैनिक घायल हुए हैं। यह पहली बार है जब वाशिंगटन ने इस ऑपरेशन से जुड़े हताहतों का सत्यापित और विस्तृत विवरण दुनिया के सामने रखा है जो संघर्ष की वास्तविक गंभीरता को दर्शाता है।

अमेरिकी थलसेना को सबसे ज्यादा चोट

घायलों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि इस युद्ध की मार अमेरिकी सेना की विभिन्न शाखाओं पर अलग-अलग पड़ी है। डीसीएएस में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, घायल 365 सैनिकों में सबसे अधिक 247 सैनिक अमेरिकी थलसेना से हैं। इसके अलावा, नौसेना  के 63, वायुसेना  के 36 और मरीन कॉर्प्स के 19 जवान भी इस अभियान के दौरान घायल हुए हैं। थलसेना के सैनिकों की बड़ी संख्या यह संकेत देती है कि जमीनी मोर्चे पर संघर्ष काफी तीव्र रहा है।

क्या है 'Operation Epic Fury'?

'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की शुरुआत 28 फरवरी को ईरान के साथ बढ़ते भारी तनाव के बीच की गई थी। हालांकि इस ऑपरेशन के विशिष्ट उद्देश्यों और जमीनी स्थिति को लेकर पेंटागन ने अब तक बहुत ही सीमित जानकारी सार्वजनिक की है, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि के बाद अब स्थिति अधिक स्पष्ट हो गई है।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन आंकड़ों का सार्वजनिक होना अमेरिकी जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए इस युद्ध की बदलती तस्वीर को समझने में सहायक होगा।

सत्यापित डेटा का आधिकारिक स्रोत

ये आंकड़े 'डिफेंस कैजुएल्टी एनालिसिस सिस्टम' (DCAS) से लिए गए हैं जिसका रखरखाव 'डिफेंस मैनपावर डाटा सेंटर' करता है। यह 'डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस' के लिए उन अमेरिकी कर्मियों का सत्यापित डेटा प्रस्तुत करता है जो सैन्य अभियानों में मारे गए हैं या घायल हुए हैं, या लापता हुए हैं।  यह प्रणाली अलग-अलग सैन्य सेवाओं से प्राप्त रिपोर्टों को एकत्रित करती है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि जारी किए गए आंकड़े पुष्ट और तय मानकों के अनुरूप हों। यह डेटाबेस संघर्ष, सैन्य शाखा और हताहत के प्रकार के आधार पर विस्तृत विवरण प्रदान करता है।

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