नाइजीरिया में दो बडे़ हादसे, (एआई फोटो) 
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नाइजीरिया पर टूटा दुखों का पहाड़, जहरीली गैस और उग्रवादी हमले में 71 की मौत; दो राज्यों में मची चीख-पुकार

Nigeria News: नाइजीरिया के दो अलग-अलग राज्यों में हुई बड़ी त्रासदियों में 71 लोगों की जान चली गई है। केब्बी में डकैतों ने 33 लोगों को मार डाला, जबकि प्लेट्यू में खदान हादसे ने 38 जानें लीं।

अमन उपाध्याय

World News In Hindi: पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया से दो दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। नाइजीरिया इस समय 'दोहरी त्रासदी' का सामना कर रहा है जहां एक तरफ खूनी उग्रवादी हमले में दर्जनों लोग मारे गए, वहीं दूसरी ओर एक औद्योगिक हादसे ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। इन दोनों अलग-अलग घटनाओं में कुल मिलाकर अब तक 71 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

केब्बी में उग्रवादियों का खूनी हमला

पहली घटना नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्य केब्बी की है जहां संदिग्ध डकैतों के एक भीषण हमले में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हमला बुधवार को अरेवा लोकल गवर्नमेंट एरिया के बुई जिले में हुआ। माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे 'लकुरावा' नामक उग्रवादी समूह का हाथ है, जो उत्तरी क्षेत्र में सक्रिय है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियारबंद हमलावर पड़ोसी सोकोटो राज्य से मवेशी लूटने के इरादे से गांव में दाखिल हुए थे। हालांकि, ग्रामीणों ने डकैतों के सामने झुकने के बजाय एकजुट होकर उनका मुकाबला करने का फैसला किया। पुलिस प्रवक्ता बशीर उस्मान ने बताया कि ग्रामीणों और हमलावरों के बीच हुई इस सीधी मुठभेड़ के दौरान 33 लोगों की जान चली गई। फिलहाल, प्रभावित इलाकों में सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने गश्त तेज कर दी है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।

खदान में जहरीली गैस का तांडव

अभी देश केब्बी के हमले से उबर भी नहीं पाया था कि मध्य राज्य प्लेट्यू से एक और भयावह खबर आई। वासे लोकल गवर्नमेंट एरिया के जुराक समुदाय में स्थित एक सीसा खदान में गैस रिसाव और विस्फोट के कारण 38 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। यह खदान 'सॉलिड माइनिंग कंपनी' द्वारा संचालित की जा रही थी।

जांच में पता चला है कि यह एक परित्यक्त खदान क्षेत्र था, जिसे कंपनी ने स्थानीय समुदाय को खनन कार्य के लिए सौंप दिया था। ठोस खनिज विकास मंत्री डेले अलाके ने बताया कि पीड़ित भूमिगत खनन के दौरान सल्फ्यूरिक ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों के संपर्क में आ गए थे। ग्रामीणों को इस गैस की घातक प्रकृति का अंदाजा नहीं था और वे काम के दौरान इसे सांस के जरिए अंदर लेते रहे जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। सरकार ने घटनास्थल को सील कर दिया है और विशेषज्ञों की एक टीम जांच के लिए भेजी गई है।

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