नेपाल में बालेन शाह सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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PM बने महीना भर भी नहीं हुआ सड़कों पर उतरी जनता...बालेन शाह के इस फैसले ने बढ़ाई उनकी मुसीबत

Nepal Protest: नेपाल में 100 रुपये से अधिक के भारतीय सामान पर टैक्स लगाने के बालेन शाह सरकार के फैसले का भारी विरोध शुरू हो गया है। सीमावर्ती इलाकों में लोगों ने प्रदर्शन कर नीति बदलने की मांग की।

अक्षय साहू

Nepal Protest Against Balen Shah Govt: नेपाल (Nepal) में बालेन शाह की सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए भंसार (कस्टम ड्यूटी) नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। नई नीति के अनुसार, भारत से आयात किए जाने वाले 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य वाले सभी सामान पर टैक्स लगाया जाएगा। 

इस आदेश के बाद नेपाल (Nepal) की सशस्त्र पुलिस ने देश के दक्षिणी मैदानों में भारत से लगी सीमा चौकियों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। हालांकि यह नियम कई साल पहले बनाया गया था, लेकिन व्यावहारिक कारणों से इसे अब तक लागू नहीं किया गया था। नई सख्ती ने सीमा क्षेत्र के लोगों और व्यापारियों में गुस्सा भड़काया है।

फैसला वापस लेने को लेकर प्रदर्शन

सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और हितधारकों का कहना है कि यह कदम उनके लिए कठिनाइयां बढ़ा रहा है। लंबे समय से वे सस्ते सामान के लिए भारतीय बाजारों पर निर्भर हैं। नेपाल-भारत खुली सीमा संवाद समूह ने शनिवार को सरकार से कस्टम नीति में तुरंत संशोधन की मांग की। बीरगंज जैसे सीमा शहरों में स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।  संगठन का कहना है कि नियम सीमा क्षेत्र के लोगों पर अनावश्यक बोझ डाल रहा है और नेपाल-भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए जनहितैषी कदम उठाने की जरूरत है। संगठन की प्रमुख मांगों में 100 रुपये से अधिक मूल्य वाले सामान पर टैक्स को हटाने और घरेलू उपयोग के सामान पर शून्य शुल्क लागू करने की शामिल है।

अधिकारियों ने किया सरकार का बचाव

नेपाल सीमा शुल्क विभाग के निदेशक किशोर बरतौला ने इस सख्ती का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम तस्करी पर नियंत्रण के लिए जरूरी है। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे सामान को आम लोगों के जरिए बड़ी मात्रा में तस्करी करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए यह नीति लागू की गई है। उनका कहना है कि इससे नेपाल के सीमावर्ती शहरों के व्यापारियों को भी फायदा हो सकता है।

इसके अलावा, भारत में रजिस्टर्ड निजी वाहनों को अब बिना अनुमति नेपाल में प्रवेश करने से रोक दिया गया है, जिससे मधेश के सीमावर्ती जिलों में समस्या बढ़ गई है। सरकार के फैसले के खिलाफ राजनीतिक दलों और स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताई है।

भारत ने भी बढ़ाई सख्ती

नेपाल सरकार के इस कदम के बाद भारत ने भी जवाबी सख्ती बढ़ाई है। नेपाल जाने और आने वाले लोगों की जांच कड़ी कर दी गई है। पैदल और साइकिल से आने वालों की जानकारी रिकॉर्ड की जा सकती है, और सभी को पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है।

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