ईरान युद्ध की आग के बीच किम जोंग का 'महा-विनाशक' दांव, लगातार दूसरे दिन दागी क्लस्टर मिसाइल, US की नींद हराम

North Korea: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 मिसाइलों का परीक्षण कर दुनिया को चौंका दिया। इन घातक मिसाइलों की निगरानी के दौरान उनकी बेटी भी मौजूद रही।
North Korea Missile Test
उत्तर कोरिया ने लगातार दूसरे दिन किया मिसाइल परीक्षण (सोर्स- सोशल मीडिया)
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North Korea Missile Test: उत्तर कोरिया (North Korea) ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और सीजफायर टूटने की खबरों के बीच लगातार मिसाइल परीक्षणों की नई श्रृंखला शुरू कर दी है। रविवार और सोमवार को उत्तर कोरिया ने खतरनाक बैलिस्टिक और क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलों का परीक्षण किया। इस महीने यह दूसरा मौका है जब किम जोंग उन के प्रशासन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली हवासोंग-11 सतह से सतह बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, रविवार को उत्तर कोरिया (North Korea) के पूर्वी तट से कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं, जिन्हें दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका ने डिटेक्ट किया। अगले दिन किम जोंग उन ने क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइल का परीक्षण किया। मिसाइल लॉन्च के दौरान किम और उनकी बेटी किम जू ऐ भी मौजूद थी और मिसाइल को ध्यानपूर्वक देख रही थी। किम जू ऐ को उत्तर कोरिया (North Korea) का संभावित उत्तराधिकारी माना जा सकता है।

पांच अपग्रेडेड हवासोंग-11 मिसाइल लॉन्च

KCNA के बयान में कहा गया कि किम ने पांच अपग्रेडेड हवासोंग-11 मिसाइलों के लॉन्च की निगरानी की। इन मिसाइलों में क्लस्टर बम और फ्रैगमेंटेशन माइन वारहेड शामिल थे, और ये एक द्वीप लक्ष्य को हिट करने में सफल रहीं। किम ने इसे “उच्च घनत्व वाली हमला क्षमता बढ़ाने के सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण” बताया। इससे पहले, इस महीने हुए परीक्षण में भी हवासोंग-11 क्लस्टर बम वारहेड मिसाइल का प्रयोग किया गया था, जो 6.5-7 हेक्टेयर क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध ने उत्तर कोरिया (North Korea) को प्रेरित किया है कि वह अपने क्लस्टर हथियारों को प्रदर्शित करे और उनकी क्षमता बढ़ाने के प्रयास तेज करे। क्लस्टर बम वारहेड वाली मिसाइलें ऊंचाई पर फटती हैं और बड़े क्षेत्र में दर्जनों छोटे बमलेट छोड़ देती हैं, जिन्हें रोकना मुश्किल होता है। 120 से अधिक देशों ने क्लस्टर मुनिशन्स के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन उत्तर कोरिया, ईरान, इजरायल और अमेरिका इसमें शामिल नहीं हैं।

अमेरिका के साथ विफल रही थी परमाणु कूटनीति

2019 में डोनाल्ड ट्रंप के साथ किम की परमाणु कूटनीति विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु शस्त्रागार और अत्याधुनिक हथियारों को बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम किया है। इनमें मल्टी-वारहेड न्यूक्लियर मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार और पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं।

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