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नेपाल में जल-प्रलय: 903 तक पहुंचा मौतों का आंकड़ा, 4000 से ज्यादा लापता, भारत बहकर पहुंचे कई शव

Nepal Flood Death Toll: नेपाल में भीषण बाढ़ के 6वें दिन मृतकों की संख्या 903 पहुंच गई है। करीब 4,247 लोग अब भी लापता हैं। प्रभावित 8 जिलों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

प्रिया जैस

Nepal Flood Rescue Operation: मध्य नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 903 हो गई, जबकि करीब 4,247 लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित सभी 8 जिलों से शव बरामद किए गए हैं। नेपाल आपदा के 6वें दिन भी बचावकर्मी लापता लोगों की तलाश में लगे हैं।

साथ ही फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अवरोध टूटने के बाद हिमस्खलन जैसी घटना से पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया, जिसने मध्य नेपाल में कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया और हाइड्रोपावर प्लांट को नष्ट कर दिया। अब तक इस त्रासदी में मृतकों की संख्या बढ़कर 734 से बढ़कर 903 हो गई है और आगे भी मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

8 प्रभावित जिलों से मिले शव

NDRRMA के अनुसार, अब तक चितवन जिले से 272 शव, नवलपरासी पूर्व से 184, नवलपरासी पश्चिम से 82 और गोरखा जिले से 58 शव बरामद किए गए हैं. इसी तरह नुवाकोट से 52, धादिंग से 50, तनहू से 36 और रसुवा से 13 शव मिले हैं।

भारत बहकर आए कई शव

इस बीच नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत के उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में रविवार को गंडक नदी से चार और शव बरामद किए गए। ताजा बरामदगी के बाद गंडक नदी से उत्तर प्रदेश में मिले शवों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

ज्यादातर शवों को देवघाट में दफनाया गया

चितवन के स्थानीय अधिकारियों ने बाद में बरामद ज्यादातर शवों को देवघाट में दफना दिया, जो काली गंडकी और त्रिशूली नदियों का संगम स्थल है, ताकि जिले में बीमारियों के फैलने का खतरा न रहे।

जिला प्रशासन कार्यालय चितवन के अनुसार, शवों को दफनाने से पहले अधिकारियों ने उनके डीएनए नमूने एकत्र किए, ताकि भविष्य में उनकी पहचान करने में मदद मिल सके।

एनडीआरआरएमए ने बताया कि कई अन्य अज्ञात शव अलग-अलग जिलों के 21 अस्पतालों में रखे गए हैं। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि अगर उनके किसी परिजन का अब तक कोई पता नहीं है, तो वे पहचान के लिए सरकारी रिकॉर्ड की जांच करें।

592 विदेशी नागरिक समेत 4247 लापता

एनडीआरआरएमए के मुताबिक, अब भी 4,247 लोग लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों में स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 933 कर्मचारी भी अब तक संपर्क में नहीं आए हैं।

अधिकारियों की टीमें, भारतीय और चीनी तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से, विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।

नेपाल-चीन सीमा के आसपास प्रभावित इलाकों में आपदा आने के बाद से नेपाल सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल के कई जवानों और अन्य सरकारी कर्मचारियों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। इस आपदा में 267 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 156 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।

10 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचाया

NDRRMA के अनुसार, अब तक कुल 10,451 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। इनमें 252 विदेशी नागरिक और 3,344 नेपाली नागरिक शामिल हैं, जिन्हें नेपाल सेना ने हवाई बचाव अभियानों के जरिए सुरक्षित निकाला।

अधिकारियों ने बताया ने बताया कि खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए अब तक 20,819 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें 8,722 नेपाल सेना के जवान, 7,894 नेपाल पुलिसकर्मी और 4,203 सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं।

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