इस्लामाबाद: पाकिस्तान में भारत के एक और दुश्मन का अंत हो गया है। कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के वरिष्ठ कमांडर मौलाना अब्दुल अजीज इसर की मौत हो गई है। इसर, जो लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था और आतंक का चेहरा माना जाता था, रहस्यमय हालात में मृत पाया गया। उसकी मौत ने खुफिया एजेंसियों और आतंकी नेटवर्क में खलबली मचा दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, उसका शव बहावलपुर में मिला है, जो जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है। उसकी मौत के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है, जिससे यह घटना और भी संदिग्ध बन गई है।
अब्दुल अजीज वही आतंकवादी है जिसने कुछ हफ्ते पहले जैश-ए-मोहम्मद की एक रैली में भारत को खुलेआम 'USSR जैसा हश्र' भुगतने की धमकी दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब्दुल अजीज जैश-ए-मोहम्मद के लिए पंजाब प्रांत, विशेष रूप से बहावलपुर और रावलपिंडी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और भारत के खिलाफ उकसाने का काम करता था। लेकिन अब उसी आतंकवादी की मौत ने उसके पूरे नेटवर्क को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है।
जैश से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स का दावा है कि उसे बहावलपुर में सुपुर्द-ए-खाक किया गया है, लेकिन उसकी मौत की वजह पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, कई रिपोर्टों में ऐसा बताया जा रहा है कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। भारत द्वारा हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान में पल रहे आतंकियों में खलबली मची हुई है और वे भारत के खिलाफ लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं।
भारत के मिसाइल हमलों ने जैश के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया है, जिससे संगठन की भर्ती और प्रचार व्यवस्था कमजोर हो गई है। अब उसकी मौत ने जैश के हौसले को कमजोर किया है और उन प्रयासों को भी रोक दिया है, जो भारत के खिलाफ एक नया 'गजवा-ए-हिंद' जैसे अभियान को बढ़ावा देने में लगे थे।