ईरान का गल्फ ब्रिजेस पर निशाना, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

सऊदी-बहरीन से दुबई तक हड़कंप! ईरान के निशाने पर 'एक के बदले अरब जगत के 8 पुल', तेहरान की धमकी बढ़ी टेंशन

US Israel Iran War: ईरान ने करज में अपने B1 ब्रिज पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमले का बदला लेने के लिए खाड़ी देशों के 8 रणनीतिक पुलों की 'हिट लिस्ट' जारी की है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

अमन उपाध्याय

Middle East Iran Hit List Gulf Bridges: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अब एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां से वापसी का रास्ता बेहद कठिन नजर आ रहा है। ईरान ने अपने बुनियादी ढांचे पर हुए हमले का करारा जवाब देने की कसम खाते हुए अब पड़ोसी खाड़ी देशों के लिए 'खतरे की घंटी' बजा दी है।

ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने उन 8 प्रमुख पुलों की हिट लिस्ट जारी की है जिन्हें वह अब अपने निशाने पर ले सकता है। यह कदम अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के करज शहर में स्थित 136 मीटर ऊंचे निर्माणाधीन B1 ब्रिज को निशाना बनाने के बाद उठाया गया है।

B1 ब्रिज पर हमला और तबाही का मंजर

बीते गुरुवार को हुए एक भीषण हमले में अमेरिका-इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण B1 ब्रिज पर बमबारी की। 136 मीटर ऊंचा यह पुल तेहरान को करज से जोड़ने वाला एक मुख्य मार्ग बनने वाला था। इस हमले के परिणाम बेहद घातक रहे जिसमें कम से कम 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 95 अन्य घायल हो गए। ईरानी अधिकारियों ने इसे नागरिक ढांचे पर सीधा हमला करार दिया है। गौरतलब है कि यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के बाद हुआ जिसमें उन्होंने ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की बात कही थी।

ईरान की 'हिट लिस्ट' में कौन-कौन से पुल?

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 'जैसे को तैसा' की नीति अपनाएगा। फार्स न्यूज एजेंसी द्वारा जारी की गई सूची में मध्य-पूर्व के वे सबसे महत्वपूर्ण पुल शामिल हैं जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सैन्य रसद के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। इस हिट लिस्ट में निम्नलिखित पुलों के नाम सामने आए हैं:

  • कुवैत: शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबा सी ब्रिज।
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE): शेख जायद ब्रिज, अल मक्ता ब्रिज और शेख खलीफा ब्रिज।
  • सऊदी अरब और बहरीन: दोनों देशों को जोड़ने वाला प्रसिद्ध 'किंग फहद कॉजवे'।
  • जॉर्डन: किंग हुसैन ब्रिज, दमिया ब्रिज और अब्दौन ब्रिज।

क्षेत्रीय स्थिरता पर मंडराता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान इन ठिकानों को निशाना बनाता है तो सऊदी अरब और बहरीन से लेकर कुवैत तक तबाही मच सकती है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ये हमले ईरान को झुकाने के बजाय विरोधियों की 'नैतिक हार' को दर्शाते हैं।

28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुका है और बुनियादी ढांचे को अपूरणीय क्षति हुई है। खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मौजूदगी इस खतरे को और भी गंभीर बना देती है क्योंकि एक छोटी सी चिंगारी पूरे क्षेत्र को एक बड़े युद्ध की आग में झोंक सकती है।

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