अय्याशी के आरोप या राजनीतिक साजिश? आर्मी चीफ को हटाने के बाद ट्रंप के निशाने पर काश पटेल, तुलसी भी रडार पर

Donald Trump प्रशासन में बड़ी उथल-पुथल शुरू हो गई है। रैंडी जॉर्ज और पैम बॉन्डी के बाद अब FBI चीफ काश पटेल और नेशनल इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड पर भी गाज गिर सकती है।
Donald Trump Cabinet Shakeup
डोनाल्ड ट्रंप कैबिनेट में फेरबदल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Donald Trump Cabinet Shakeup: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में अब कुछ और प्रमुख अधिकारियों को हटाए जाने की आशंका बढ़ गई है। हाल ही में, अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी और आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज को  हटाए जाने के बाद, रिपोर्ट्स के अनुसार, FBI चीफ काश पटेल और नेशनल इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड के नाम भी प्रशासनिक बदलावों की सूची में शामिल हो सकते हैं। यह जानकारी अमेरिकी वेबसाइट द अटलांटिक ने दी है।

आर्मी चीफ को जबरदस्ती किया गया रिटायर

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को तुरंत रिटायर होने का आदेश दिया। इससे पहले, व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि अन्य अधिकारियों को हटाने पर भी विचार हो रहा है, जिनमें आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल और लेबर सेक्रेटरी लोरी चावेज-डीरेमर के नाम भी शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप के पहले कार्यकाल में बड़े प्रशासनिक बदलावों से बचने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन ईरान युद्ध के बाद उनके प्रशासन की लोकप्रियता में आई गिरावट ने स्थिति को बदल दिया है।

क्रिस्टी नोएम पर अचानक गिरी गाज

अमेरिकी सरकार में यह प्रशासनिक बदलाव होमलैंड सिक्योरिटी चीफ क्रिस्टी नोएम के अचानक हटाए जाने से शुरू हुआ। हालांकि, नोएम को हटाने की आधिकारिक वजह नहीं दी गई, लेकिन उनकी कामकाजी शैली और विवादास्पद राजनीतिक बयानों के कारण आलोचना हो रही थी। उनका मुख्य कार्य देश को बाहरी और अंदरूनी खतरों से सुरक्षित रखना था, लेकिन उनकी राजनीतिक छवि पर सवाल उठने लगे थे।

पैम बॉन्डी और एपस्टीन मामले की जटिलता

पैम बॉन्डी का हटना, एपस्टीन मामले के प्रबंधन में उनकी नाकामी के कारण हुआ। उनका आरोप था कि बॉन्डी ने एपस्टीन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने में विफलता दिखाई। एपस्टीन, जो नाबालिग लड़कियों का शोषण करने के आरोपों में घिरा था, के संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को सार्वजनिक किया गया था, लेकिन उन दस्तावेजों में कोई नई जानकारी नहीं थी, जिससे मामला फिर से सुर्खियों में आ गया। इस मामले को लेकर ट्रंप को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्हें इसे जारी करने पर साइन करना पड़ा।

काश पटेल पर सरकारी पैसे पर अय्याशी के आरोप

FBI चीफ काश पटेल पर कुछ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने FBI के सरकारी जेट का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया, जैसे खेल आयोजनों में शामिल होने के लिए सरकारी विमान का इस्तेमाल। इसके अलावा, उन्हें अपनी गर्लफ्रेंड को SWAT सुरक्षा देने के लिए सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगा। इन आरोपों के बीच, उनके नेतृत्व में FBI से कई अधिकारियों को हटा दिया गया, खासकर उन अधिकारियों को जो ट्रंप से जुड़े मामलों की जांच कर रहे थे या जो ट्रंप के प्रति वफादार नहीं माने जाते थे।

तुलसी गबार्ड को भी किया जा सकता है बाहर

नेशनल इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। गबार्ड ने हाल ही में एक सुनवाई के दौरान जो केंट की आलोचना नहीं की, जो ट्रंप के ईरान युद्ध के विरोध में इस्तीफा दे चुके थे। गबार्ड ने ईरान के यूरेनियम एनरिचमेंट के पुनः विकास के बारे में ट्रंप के बयान का विरोध किया था, जिसके बाद ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की मंजूरी दी थी।

अमेरिकी प्रशासन में हो रहे इन बड़े बदलावों से यह स्पष्ट हो रहा है कि ट्रंप प्रशासन सैन्य और सुरक्षा क्षेत्रों में बड़े निर्णय ले रहा है, जो आने वाले महीनों में राजनीतिक और कूटनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। FBI चीफ काश पटेल, नेशनल इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड, और अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों के भविष्य पर इन बदलावों का गहरा असर पड़ने की संभावना है, और यह प्रशासन के भीतर एक नई दिशा को संकेत दे सकता है। 

Navbharat Live
navbharatlive.com