

IRGC Mohammad Ali Fathalizadeh Killed US Israel Strike: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान को एक और बड़ा सैन्य झटका लगा है। अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे भीषण संघर्ष के दौरान ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 'फतेहिन स्पेशल यूनिट' के कमांडर मोहम्मद अली फथअलीजादेह की मौत हो गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने बुधवार को हुए हमलों में उनके मारे जाने की पुष्टि की है। इस घटना ने मध्य पूर्व के युद्ध समीकरणों को एक बार फिर से गरमा दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ IRGC अधिकारी मोहम्मद अली फथअलीजादेह की मौत बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को हुई। ईरानी मीडिया ने इस संघर्ष को 'रमजान का युद्ध' करार दिया है। आधिकारिक बयानों में कहा गया है कि कमांडर ने युद्ध के दौरान शहादत प्राप्त की और वह 'शहीद नायकों' की कतार में शामिल हो गए हैं। हालांकि, इस हमले के सटीक स्थान और परिस्थितियों के बारे में अभी और अधिक विवरण सामने आना बाकी है लेकिन इसे अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान की सैन्य शक्ति पर की गई एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
फतेहिन यूनिट, IRGC की एक बहुत ही महत्वपूर्ण और विशिष्ट पैरामिलिट्री इकाई है। इस यूनिट के सदस्यों को अत्यधिक एडवांस मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है जिससे वे जटिल और खतरनाक मिशनों को अंजाम देने में सक्षम होते हैं। मोहम्मद अली फथअलीजादेह के नेतृत्व में इस यूनिट ने सीरिया जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनकी मौत से न केवल फतेहिन यूनिट बल्कि पूरी IRGC की विशेष ऑपरेशंस क्षमता को धक्का लगा है।
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने हाल के दिनों में अपने शीर्ष कमांडरों को खोया है। अमेरिका और इजरायल ने रणनीति के तहत ईरान के सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाया है। मार्च के अंतिम सप्ताह में IRGC के नौसेना प्रमुख अलीरेजा तंगसीरी के भी मारे जाने की खबर आई थी, जो होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की सामरिक गतिविधियों के प्रमुख चेहरा थे।
इतना ही नहीं, बसीज फोर्स (IRGC की पैरामिलिट्री इकाई) के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी भी मार्च में ही मारे गए थे। सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई अमेरिका द्वारा की गई एयरस्ट्राइक थी जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उस हमले में खामेनेई के परिवार के सदस्य और नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की पत्नी भी मारी गई थीं।
कमांडर फथअलीजादेह की मौत ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाइयों का दौर जारी है। जहां एक ओर ईरानी संसद के अध्यक्ष दावा कर रहे हैं कि उनके 70 लाख लोग अमेरिका से लड़ने को तैयार हैं, वहीं दूसरी ओर शीर्ष स्तर पर लगातार हो रही कमांडरों की मौत ईरान की रक्षा पंक्ति को कमजोर कर रही है। आने वाले दिनों में ईरान इस भारी क्षति का बदला लेने के लिए किस तरह की जवाबी कार्रवाई करता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।