Burqua Ban In Italy: यूरोप के देश इटली में स्कूलों में बुर्का या नकाब जैसे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हाल ही में इसकी घोषणा की है। मिली जानकारी के अनुसार स्कूलों में चेहरा ढकने वाले परिधानों को प्रतिबंधित किया जाएगा। इस कदम के लिए सरकार को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी और संसद की मंजूरी भी जरूरी होगी।
इटली का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब कई देशों में सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का या नकाब को लेकर अलग-अलग तरह के प्रतिबंध लागू हैं।
फ्रांस यूरोप का पहला देश था, जिसने 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा पूरी तरह ढकने पर प्रतिबंध लागू किया था। इसके बाद बेल्जियम, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, बुल्गारिया, स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड समेत कई यूरोपीय देशों ने भी पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध लगाए।
वर्तमान में करीब 24 देशों का उल्लेख किया गया है, जहां बुर्का या नकाब पर किसी न किसी रूप में प्रतिबंध या कड़े प्रतिबंध लागू हैं। इनमें कई लोकतांत्रिक और तानाशाही देश शामिल हैं, साथ ही साथ कुछ मुस्लिम बाहुल्य देश भी हैं जहां बुर्का या नकाब बैन है।
अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, अजरबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, कनाडा, चाड, चीन, डेनमार्क, फ्रांस, गैबॉन, कोसोवो, किर्गिस्तान, लातविया, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, ताजिकिस्तान, ट्यूनीशिया, तुर्कमेनिस्तान, तुर्की और उज्बेकिस्तान जैसे देशों के नाम शामिल किए जाते हैं।
हालांकि, इन सभी देशों में प्रतिबंध की प्रकृति और दायरा एक जैसा नहीं है। कहीं पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में प्रतिबंध है तो कहीं स्कूल, सरकारी संस्थान या विशेष सार्वजनिक स्थानों तक इसे सीमित किया गया है।
इटली में भी 1975 से सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा कानून ऐसे साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाता है, जिनसे व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो। इस कानून की व्याख्या को लेकर बुर्का और नकाब को शामिल करने पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी स्कूलों में बुर्के को प्रतिबंधित करने की तैयारी तेज कर दी हैं। मिली जानकारी के अनुसार इटली में प्रवासियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार चेहरा छुपाने पर प्रतिबंध की तैयारी कर रही है।
वहीं, हर यूरोपीय देश में ऐसा प्रतिबंध नहीं है। स्वीडन में बुर्का और नकाब पर देशव्यापी प्रतिबंध नहीं है। कुछ स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने के प्रयास हुए, लेकिन उन्हें कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।