इमैनुएल मैक्रों, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

'लेबनान पर कब्जा करने का इरादा छोड़े इजरायल'; इमैनुएल मैक्रों की दो-टूक, हिज्बुल्लाह को लेकर भी कही बड़ी बात

Macron Urges Israel: इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल को लेबनान में अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं छोड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने हिज्बुल्लाह की आलोचना करते हुए लेबनान की बहाली पर जोर दिया।

अमन उपाध्याय

Macron Urges Israel Lebanon Conflict: लेबनान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक कड़ा कूटनीतिक रुख अपनाया है। पेरिस में लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद मैक्रों ने स्पष्ट किया कि इजरायल को लेबनान के प्रति अपनी 'क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं' छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र में 'वास्तविक स्थिरीकरण' लाने के लिए मौजूदा सीजफायर को बढ़ाया जाना अनिवार्य है।

हिज्बुल्लाह की 'रणनीतिक गलती'

मैक्रों ने ईरान समर्थित समूह हिज्बुल्लाह की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह ने लेबनान को इस युद्ध में घसीटकर एक 'बड़ी रणनीतिक गलती' की है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति का मानना है कि हिज्बुल्लाह को इजरायल को निशाना बनाना बंद करना चाहिए और राज्य के विशेषाधिकारों पर कब्जा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैक्रों ने आह्वान किया कि हिज्बुल्लाह को किसी बाहरी शक्ति के बजाय स्वयं लेबनानी लोगों द्वारा ही निशस्त्र किया जाना चाहिए।

लेबनान की संप्रभुता के लिए फ्रांस का समर्थन

इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की कि फ्रांस लेबनान को इजरायल के साथ होने वाली भविष्य की वार्ताओं के लिए तैयार करने में पूरी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हम लेबनानी सरकार को पूर्ण संप्रभुता बहाल करने के लिए आवश्यक योजना बनाने में हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। इसके अतिरिक्त, फ्रांस ने मानवीय सहायता के रूप में 10 टन सामग्री और भेजने का वादा किया है, जिससे अब तक फ्रांस द्वारा दी गई कुल सहायता 70 टन हो जाएगी।

2026 के बाद भी सैन्य उपस्थिति की तैयारी

क्षेत्रीय सुरक्षा पर दूरगामी संकेत देते हुए मैक्रों ने बताया कि फ्रांस 2026 के अंत में 'लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल' (UNIFIL) के मिशन के पूरा होने के बाद भी वहां अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लेबनान ऐसा चाहता है तो फ्रांस अपने सक्रिय साझेदारों के साथ मिलकर जमीन पर अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा, हालांकि इसके ढांचे को आपसी सहमति से परिभाषित किया जाएगा।

ईरान-अमेरिका सीजफायर में शामिल हो लेबनान

मैक्रों ने वैश्विक शक्तियों से यह भी आग्रह किया है कि चल रहे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने के लिए लेबनान को भी ईरान-अमेरिका के बीच होने वाले किसी भी सीजफायर समझौते में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता एक ऐसा राजनीतिक समझौता है जो दोनों देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखे।

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