चीन में कुदरत का कहर, फोटो ( सो. सोशल मीडिया ) 
विदेश

भूस्खलन के बाद भूकंप के झटकों से कांपे लोग, पड़ोसी मुल्क चीन में कुदरत का कहर

शुक्रवार सुबह चीन के तिब्बत क्षेत्र में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे पहले देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में भूस्खलन की घटना हुई, जिसमें चार लोगों की जान चली गई और 17 से अधिक लोग मलबे के नीचे दब गए हैं।

अमन उपाध्याय

चीन के तिब्बत क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता सुबह 9 बजकर 27 मिनट पर रिक्टर पैमाने पर 4.2 दर्ज की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने इस घटना की पुष्टि की है। भूकंप का केंद्र चीन और नेपाल की सीमा के पास था। फिलहाल इसको लेकर कोई नुकसान की खबर नहीं मिली है।

हाल ही में तिब्बत क्षेत्र में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इसके अलावा, चीन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में एक भूस्खलन भी हुआ है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और 17 से ज्यादा लोग मलबे में दबे हुए हैं। फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। वहीं भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है।

चीन में शुक्रवार को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.5 दर्ज की गई थी। यह भूकंप म्यांमार के सीमा क्षेत्र के नजदीक आया था। इससे पहले 12 मई को पाकिस्तान में 4.6 तीव्रता वाला भूकंप आया था, लेकिन उस भूकंप में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली थी।

ग्रीस के कासोस द्वीप पर भूकंप

गुरुवार, 22 मई 2025 को ग्रीस के कासोस द्वीप के पास एक तेज भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 6.1 रिक्टर स्केल पर मापी गई। इस भूकंप के झटके देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार रात 1:51 बजे आया, जिससे लोग डरकर अपने घरों से बाहर आ गए।

पश्चिम बंगाल में भूकंप

हाल ही में भारत पश्चिम बंगाल में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) की रिपोर्ट के अनुसार, यह भूकंप बंगाल की खाड़ी में आया था। भूकंप का केंद्र धरती की सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। जिसकी रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई है। हालांकि इस भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं मिली।

हाल ही के दिनों में दुनियाभर के कई हिस्सों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। बता दें कि पृथ्वी के अंदर सात टेक्टोनिक प्लेटें होती हैं, जो लगातार अपनी जगह हिलती-डुलती रहती हैं। कभी-कभी ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या आपस में रगड़ती हैं। इसी वजह से भूकंप जैसी घटनाएं होती हैं। भूकंप का सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को सहन करना पड़ता है। इसके कारण मकान गिर जाते हैं और उनमें फंसे हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं।

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