Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ सात महीने से चल रही जंग को रोकने पर सहमत होने से पहले तेहरान को अपनी न्यूक्लियर एनरिचमेंट क्षमता में अहम कटौती करनी होगी। एक इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि अमेरिका बातचीत के जरिए समाधान के लिए तैयार है, लेकिन वह भविष्य में न्यूक्लियर सीमाओं के बारे में सिर्फ़ भरोसे के बजाय ईरान से ठोस कदमों की मांग करेगा।
जेडी वेंस ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आप न्यूक्लियर हथियार नहीं चाहते हैं, तो आपको 60% एनरिच्ड फ्यूल की क्या जरूरत है? अगर आप न्यूक्लियर हथियार न बनाने का इरादा दिखाना चाहते हैं, तो ज्यादा एनरिच्ड फ्यूल न बनाएं। जेडी वेन्स ने इस समझौता का एक अहमल बिंदु बताया है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि अगर वे न्यूक्लियर हथियार न बनाने का इरादा दिखाना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी एनरिचमेंट क्षमता के मामले में कुछ अहम कदम उठाने होंगे।
हाल के दिनों में, दोनों पक्षों ने जंग खत्म करने और दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई के लिए अहम रास्ते, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही बहाल करने के लिए प्रस्ताव दिए हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालिया प्रस्ताव को पहले ही खारिज कर दिया है और चेतावनी दी है कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बढ़ सकती है।
बातचीत में एक अहम भूमिका निभाने वेंस ने इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ जुबानी वादों से काम नहीं चलेगा।
लंबे समय से चल रही इस लड़ाई ने एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल मचा दी है और ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि मिड-टर्म चुनावों से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें एक संवेदनशील मुद्दा बन गई हैं। जेडी वेंस ने यह भी कहा कि वाशिंगटन को अभी भी यह साफ नहीं है कि तेहरान में असल में फैसले लेने की ताकत किसके पास है। हालांकि अमेरिकी अधिकारी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के संपर्क में रहे हैं, लेकिन वेंस ने ईरान के सिस्टम के अंदर उनके अधिकार के दायरे पर सवाल उठाए।
देखना होगा कि दोनों देशों के बीच सुलह की यह कोशिश क्या रंग लाता है?