जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Japan Election: जापान में मध्यावधि चुनाव का बिगुल… पीएम सनाए ताकाइची ने भंग की संसद, इस दिन होगा मतदान

Sanae Takaichi Snap Election: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने पद संभालने के मात्र तीन महीने बाद संसद भंग कर दी है। ताकाइची अपनी 70 प्रतिशत लोकप्रियता को मजबूत बहुमत में बदलना चाहती हैं।

प्रिया सिंह

Japan PM Sanae Takaichi Snap Election: जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने शुक्रवार को एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए संसद के निचले सदन को भंग कर दिया है। इसके साथ ही देश में 8 फरवरी 2026 को मध्यावधि चुनावों की घोषणा हो गई है। ताकाइची ने यह फैसला अपने केवल तीन महीने के कार्यकाल के बाद लिया है, ताकि वे अपनी उच्च लोकप्रियता का लाभ उठाकर अपनी पार्टी की स्थिति को और मजबूत कर सकें। उनके इस कदम का उद्देश्य एक 'मजबूत और समृद्ध' जापान का निर्माण करना है।

लोकप्रियता भुनाने की रणनीति

अक्टूबर में कार्यभार संभालने वाली प्रधानमंत्री ताकाइची वर्तमान में 70 प्रतिशत की रेटिंग के साथ जनता के बीच काफी लोकप्रिय हैं। उनकी छवि विशेष रूप से युवा मतदाताओं के बीच मजबूत है। सूत्रों के अनुसार, वे इसी लोकप्रियता का उपयोग सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) को उस नुकसान से उबारने के लिए करना चाहती हैं, जो उसे हाल के वर्षों में राजनीतिक फंडिंग घोटालों के कारण झेलना पड़ा है।

आर्थिक बजट पर संकट

संसद भंग होने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इसके कारण उस बजट पर मतदान टल गया है, जिसे कमजोर अर्थव्यवस्था को सहारा देने और बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए लाया गया था। अब 465 सदस्यीय निचले सदन के लिए 12 दिनों का आधिकारिक चुनाव प्रचार मंगलवार से शुरू होगा, जिसमें आर्थिक नीतियां और महंगाई प्रमुख मुद्दे रहने की संभावना है।

ताकाइची का सख्त रूढ़िवादी एजेंडा

प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अपने पूर्ववर्ती शिगेरु इशिबा की तुलना में अधिक सख्त और रूढ़िवादी नीतियों की वकालत कर रही हैं। उनके चुनावी एजेंडे में सरकारी खर्च में वृद्धि, सैन्य ताकत को बढ़ावा देना और कड़ी आव्रजन (immigration) नीति शामिल है। वे चाहती हैं कि जनता चुनाव के जरिए यह स्पष्ट करे कि वे उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं या नहीं।

चीन और अमेरिका के साथ तनाव

जापान के इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ा है। ताकाइचीकी ताइवान समर्थक टिप्पणियों के बाद चीन (बीजिंग) ने कड़ा रुख अपनाया है। इसके साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी जापान पर रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए निरंतर दबाव बना रहे हैं, जिससे ताकाइची की सरकार के लिए कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं।

विपक्ष और फंडिंग घोटाले की चुनौती

भले ही ताकाइची लोकप्रिय हैं, लेकिन उनकी पार्टी LDP अभी भी राजनीतिक फंडिंग घोटाले की छाया से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाई है। इसके चलते कई पारंपरिक मतदाता अब उभरती हुई दक्षिणपंथी विपक्षी पार्टियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ताकाइची का मुख्य लक्ष्य निचले सदन में बिना किसी सहयोगी के मजबूत बहुमत हासिल करना है, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपने एजेंडे को लागू कर सकें।

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