Jaishankar Meets Marco Rubio: अमेरिका द्वारा एच-1बी वीजा शुल्क में अप्रत्याशित बढ़ोतरी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के चलते भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव पैदा हो गया है। ऐसे समय में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से मुलाकात की है। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के साइडलाइंस पर हो रही है और इसे द्विपक्षीय संबंधों में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इस मुलाकात में टैरिफ विवाद, आपसी निवेश, टेक्नोलॉजी सहयोग, रक्षा साझेदारी और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे विषयों पर चर्चा की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि हाल ही में दोनों देशों के संबंधों में कुछ कठिनाइयाँ जरूर आई हैं, लेकिन इन मुद्दों पर बातचीत से समाधान की उम्मीद बनी है। खासकर तकनीक और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग को दोनों देश भविष्य के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं।
इस बैठक को भविष्य में संभावित ट्रेड डील की दिशा तय करने वाली एक कड़ी माना जा रहा है। ट्रंप और मोदी के बीच हाल ही में हुई टेलीफोनिक बातचीत ने राजनीतिक संवाद के रास्ते खोल दिए हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में फिर से गति आने की संभावना है। इस वार्ता को दोनों देशों के बीच वैश्विक मंच पर साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो की पिछली मुलाकात जुलाई में वाशिंगटन डी.सी. में हुई थी, जहां दोनों 10वीं क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के अवसर पर मिले थे। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भरोसा जताया है कि उन्हें किसी समझौते तक पहुंचने में कोई खास कठिनाई नहीं होगी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को न्यूयॉर्क में अमेरिकी पक्ष से मुलाकात करेगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रतिनिधिमंडल का मकसद पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर शीघ्र निष्कर्ष निकालने के लिए चर्चा को आगे बढ़ाना है। जानकारी के मुताबिक भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर लगभग सहमति बन गई है और दोनों अब उन मुद्दों के सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हे लेकर विवाद है।