Israeli Attacks Lebanon Ceasefire Violation: मध्य पूर्व में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। लेबनान और इजरायल के बीच तीन सप्ताह के लिए सीजफायर विस्तार की घोषणा के बावजूद, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में बमबारी जारी रखी है। ताजा जानकारी के अनुसार, शनिवार को दक्षिणी लेबनान के नबातियेह (Nabatieh) जिले में हुए इजरायली हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, इजरायली सेना ने योहमोर अल-शकीफ (Yohmor al-Shaqif) शहर में एक ट्रक और एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर दो हवाई हमले किए। इन छापों में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, दक्षिणी लेबनान के बिंत जबील (Bint Jbeil) शहर में इजरायली सैनिकों ने कई इमारतों को विस्फोट से उड़ा दिया, जबकि खियाम (Khiam) शहर के रिहायशी इलाकों में भी बमबारी की खबरें मिली हैं।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गुरुवार को सीजफायर विस्तार की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हिंसा फिर से भड़क उठी। हिजबुल्लाह के सांसद अली फय्याद ने इन हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'इजरायल की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों, हत्याओं और गोलाबारी के आलोक में इस सीजफायर का कोई मतलब नहीं है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायली हमलों का जवाब देने का अधिकार हिजबुल्लाह के पास सुरक्षित है।
दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि इजरायल किसी भी खतरे के खिलाफ 'पूरी कार्रवाई की स्वतंत्रता' बनाए रखेगा। इजरायली सेना का कहना है कि उसने बिंत जबील के पास मुठभेड़ में हिजबुल्लाह के छह लड़ाकों को मार गिराया है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर इजरायली हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकते हैं। हालिया हिंसा में एक इंडोनेशियाई संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक की भी मौत हुई है, जो लेबनान में जान गंवाने वाला छठा शांति रक्षक है।
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लगातार जारी इस हिंसा का सबसे बुरा असर लेबनान के आम नागरिकों पर पड़ रहा है। हजारों परिवार बेघर होकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं। दक्षिणी लेबनान के गांवों से पलायन करने वाले लोग बेरूत के स्टेडियमों और अन्य अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं, जहाँ वे अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता के साये में जी रहे हैं।