Rajasthan CM Bhajanlal Sharma Achievements: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं का उद्देश्य राजस्थान को तेज आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक रोजगार अवसरों की दिशा में आगे बढ़ाना है।
वहीं, इन पहलों की वास्तविक सफलता उनके योजना और जमीनी असर पर निर्भर करेगी। ऐसे में आइए जानते हैं भजनलाल शर्मा सरकार के 10 प्रमुख फैसलों और योजनाओं के बारे में, जिन्होंने राजस्थान की विकास राजनीति में खास जगह बनाई है।
राजस्थान में दिसंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल में सरकार ने निवेश, बुनियादी ढांचा, जल प्रबंधन, ऊर्जा, रोजगार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने का काम किया है।
राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए बड़े निवेश सम्मेलनों का आयोजन किया, जबकि सड़क, एक्सप्रेसवे और शहरी विकास परियोजनाओं को भी गति देने की दिशा में काम किया।
सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया तेज करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया है। इसके साथ ही पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP),
सौर ऊर्जा परियोजनाओं और पेयजल योजनाओं को राज्य के दीर्घकालिक विकास से जोड़कर पेश किया गया है। हालांकि, इन पहलों का वास्तविक असर उनके जमीनी क्रियान्वयन, निवेश के मूर्त रूप लेने और रोजगार सृजन के परिणामों के आधार पर आंका जाएगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में राज्य में 36,000 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण और विस्तार का किया गया है। सरकार के अनुसार, बेहतर सड़क नेटवर्क के जरिए राज्य के अंदर प्रत्येक जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर विशेष फोकस रहा।
इसके साथ ही ग्रीन एक्सप्रेसवे नेटवर्क की शुरुआत को प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर पहल बताया गया है। वहीं, जल संरक्षण और ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के माध्यम से राज्य को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
भजनलाल शर्मा की सरकार ने राज्य में नई युवा नीति लागू की, जिसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी पाने के साथ व्यवसाय के लिए भी प्रोत्साहित करना है। सरकार का दावा है कि RPSC और RSSB में पेपर लीक रोकने तथा भर्ती कैलेंडर लागू करने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 1.53 लाख सरकारी नियुक्तियां, 3.32 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 2.5 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। वहीं उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए 71 नए कॉलेज खोले गए और 2,100 मेडिकल सीटें बढ़ाई गईं। जिसे मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में काफी विकास दखने को मिला है, और मेडिकल की पढाई करने वाले छात्र इसका लाभ उठा रहें हैं।
सरकार के अनुसार किसानों को 44,000 करोड़ के कृषि ऋण वितरित किए गए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि की राशि 6,000 से बढ़ाकर 9,000 करने का निर्णय लिया गया, जिससे हजारों किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलने का दावा है।
इसके अलावा 70,000 किसानों को 10,432 करोड़ का लाभ, गेहूं पर 471 करोड़ का बोनस, ब्याज-मुक्त फसल ऋण और 20,616 पंप सेटों पर 822 करोड़ की सब्सिडी दी गई। सरकार ने 22 जिलों में दिन के समय बिजली आपूर्ति शुरू करने और गौशालाओं के अनुदान में 25% बढ़ोतरी करने की भी घोषणा की है।
राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना लागु की जिससे तलाकशुदा, विधवा और परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक पेंशन दी जाती है, ताकि वे अपने दैनिक खर्च और जीवन की आवश्यक जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।
योजना का मुख्य लक्ष्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, जो पति या परिवार के सहारे के बिना जीवनयापन कर रही हैं। नियमित पेंशन के माध्यम से उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने में मदद मिलती है।
राजस्थान सरकार ने केंद्र की PRAGATI प्रणाली से प्रेरित होकर 'राज-उन्नति' (Raj-UNNATI) योजना की शुरूआत की। जिससे सड़कों, बांधों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं की समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह निगरानी सुनिश्चित करना होता है।
इस योजना के तहत मुख्यमंत्री की बैठकों में दिए गए सभी निर्देश मुख्यमंत्री सूचना प्रणाली (CMIS) पोर्टल पर तुरंत अपलोड किए जाते हैं। ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम प्रत्येक परियोजना की प्रगति पर नजर रखता है और किसी भी देरी की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को स्वतः अलर्ट भेजता है।
सरकार का दावा है कि इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय होगा, फाइलों में अटकी परियोजनाओं को गति मिलेगी और लागत व समय दोनों की बचत होगी। 'राज-उन्नति' को राजस्थान में डिजिटल सुशासन और प्रभावी परियोजना प्रबंधन की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना का दायरा बढ़ाया और अन्नपूर्णा रसोई में थाली का वजन 450 ग्राम से 600 ग्राम कर दिया, जबकि कीमत 22 से घटाकर 15 कर दी गई। इसके अलावा 10 लाख नई सामाजिक पेंशन स्वीकृत की गईं और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2,500 करोड़ की लागत से ग्रामीण आवास पूरे किए गए।
हरियालो राजस्थान अभियान के तहत सरकार ने 20 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने का काम किया। वहीं वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना से 65,000 लोगों को लाभ मिला। प्रवासी राजस्थानियों से जुड़ाव बढ़ाने के लिए DORA विभाग का गठन किया गया है और वार्षिक सम्मेलन की तैयारी भी शुरू की गई है।
राजस्थान सरकार की राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना किसानों, कृषि श्रमिकों और मंडी कर्मचारियों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण योजना है।
खेती, पशुपालन और कृषि कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं में प्रभावित व्यक्ति या उसके परिवार को वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों का बोझ कम हो सके। इस योजना का उद्देश्य कृषि कार्य से जुड़े लोगों को संकट के समय आर्थिक संबल देकर उनके परिवार को गंभीर वित्तीय कठिनाइयों से बचाना है।
राजस्थान सरकार का दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार के कार्यकाल में सामान्य और गंभीर दोनों तरह के अपराधों में कमी आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक SC/ST अत्याचार मामलों में 28.5% की गिरावट दर्ज की गई,
जबकि नवंबर 2024 की तुलना में नवंबर 2025 में इन मामलों में 17% कमी आई है। सरकार का कहना है कि यह सुधार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का परिणाम है।
राजस्थान सरकार ने MSME, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर समेत 28 नई औद्योगिक नीतियां लागू की हैं। सरकार के अनुसार, ₹7 लाख करोड़ के निवेश संबंधी MoU पर कार्य शुरू हो चुका है, जिससे उद्योग और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही हवेलियों के संरक्षण और पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी गति दी गई है, ताकि राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।