Israel Lebanon Conflict Hospital Attack: इजरायली सेना ने एक बार फिर दक्षिणी लेबनान के कई रिहायशी और रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया है, जिससे चिकित्सा सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है। रविवार को पूरे दिन इजरायली लड़ाकू विमानों और घातक ड्रोनों ने दक्षिणी लेबनान के विभिन्न कस्बों में लगातार बमबारी की, जिससे न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है बल्कि दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं।
इस हमले सबसे दुखद पहलू दक्षिणी लेबनान के प्रमुख शहर टायर में देखने को मिला। इजरायली वायु सेना ने यहां स्थित 'हीराम अस्पताल' के बेहद करीब हवाई हमला किया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस हमले की चपेट में आने से अस्पताल के 13 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हमले के कारण अस्पताल की इमारत को भी व्यापक क्षति पहुंची है, जिससे वहां चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुई हैं। मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इजरायली हमलों के बढ़ते दायरे को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
लेबनान की धरती पर हुए इन हमलों के जवाब में हिज्बुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल में अपनी आक्रामक गतिविधियां तेज कर दी हैं। हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने उत्तरी इजरायल के 'बेत हिलेल' क्षेत्र को निशाना बनाकर विस्फोटक ड्रोन हमले किए। इस हमले में कम से कम चार इजरायली नागरिक घायल हुए हैं, जिन्हें हल्की से मध्यम दर्जे की चोटें आई हैं। ड्रोन गिरने के बाद संबंधित इलाके में भीषण आग लग गई, जिसके बाद स्थानीय बचाव दल और अग्निशमन दस्तों को मोर्चा संभालना पड़ा।
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, इजरायली हमलों की तीव्रता बहुत अधिक थी। बिंत जबील जिले के 'देइर किफा' और टायर जिले के 'सिद्दीकीन' कस्बों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया। इसके अलावा, हारिस क्षेत्र में एक इजरायली ड्रोन ने एक चलती हुई मोटरसाइकिल पर सटीक हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मरजायौन जिले के 'दबेइन' कस्बे में भी इजरायली लड़ाकू विमानों ने दो बार लगातार हमले कर भारी तबाही मचाई है।
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इन हमलों के बाद दक्षिणी लेबनान में मानवीय संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिक सुविधाओं और विशेष रूप से चिकित्सा केंद्रों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ती यह जंग अब धीरे-धीरे बड़े क्षेत्रीय टकराव का रूप लेती जा रही है, जिससे शांति की संभावनाएं और धुंधली होती नजर आ रही हैं।