लिकुड पार्टी ने अरब मतदान केंद्रों पर कथित चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए
शुरुआती अनुमानों में नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिलने का अनुमान था
अरब पार्टियों को करीब 19 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया
Benjamin Netanyahu Election Fraud Allegations: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने बुधवार को आरोप लगाया कि अरब नागरिकों की ओर से कथित वोटर फ्रॉड के कारण पार्टी चुनाव में स्पष्ट जीत हासिल नहीं कर सकी। इजरायल में हुए चुनाव में लिकुड पार्टी को सबसे अधिक 53 सीटें मिली हैं। लेकिन इसके बाद भी पार्टी बहुमत के लिए जारी 61 सीटों से 9 सीटें पीछे रही।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर लिकुड पार्टी का एक बयान दोबारा पोस्ट किया। इसमें दक्षिणपंथी पार्टी ने मंगलवार रात हुए चुनाव के शुरुआती नतीजों पर सवाल उठाए। पार्टी का दावा था कि कई अरब मतदान केंद्रों पर चुनाव में गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। उसने कानून लागू करने वाली एजेंसियों से इस मामले में सख्ती और तेजी से कार्रवाई करने की मांग भी की। हालांकि, इन आरोपों की अब तक पुष्टि नहीं हुई है।
इजरायल में चुनाव के नतीजों की तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। नेतन्याहू का गठबंधन और उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाला विपक्ष, दोनों ही 61 सीटों के बहुमत के आंकड़े के करीब नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में इजरायल में गठबंधन सरकार बनने की संभावना बढ़ गई है। इस स्थिति के कारण नई सरकार के गठन के लिए राजनीतिक दलों के बीच कई सप्ताह तक बातचीत चलने की संभावना है।
इजरायल में अरब मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी को फिलिस्तीनी आबादी के प्रति नेतन्याहू की नीतियों को लेकर उनके गुस्से और निराशा से जोड़कर देखा जा रहा है। इजरायली मीडिया के मुताबिक, अरब पार्टियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और उनकी कुल सीटें 10 से बढ़कर करीब 19 हो गईं। इससे नई सरकार के गठन में उनकी भूमिका अहम हो सकती है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नेतन्याहू के विरोधी उन्हें सत्ता से हटाने के लिए अरब पार्टियों के साथ गठबंधन करने को तैयार होंगे या नहीं।
मंगलवार को चुनावी आंकड़े सामने आने के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू ने अरब मतदाताओं की भागीदारी को लेकर सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए। उन्होंने दक्षिणपंथी समर्थकों से तुरंत मतदान करने की अपील की और अपने संदेशों में जातीय पहचान से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।
नेतन्याहू ने दावा किया कि जब दक्षिणपंथी मतदाता सो रहे थे, तब अरब मतदाताओं से भरी बसों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा था। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि लिकुड के समर्थकों ने मतदान नहीं किया, तो मुस्लिम ब्रदरहुड सरकार पर नियंत्रण हासिल कर सकता है।
मंगलवार के चुनाव में नेतन्याहू को उम्मीद के मुताबिक कोई बड़ा झटका नहीं लगा, लेकिन नतीजों ने इजरायल में उनके नेतृत्व और सत्ता पर पकड़ को लेकर जारी राजनीतिक विभाजन को उजागर किया।
चुनावी घटनाक्रम का असर अमेरिका की राजनीति पर भी पड़ सकता है। अगले सप्ताह होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन के प्रति नाराजगी का मुद्दा अहम हो सकता है।