

Highlights:
गादी आइजनकोट 2015 से 2019 तक इजरायल की सेना के प्रमुख रहे।
गाजा युद्ध में बेटे की मौत के बाद आइजनकोट को व्यापक सहानुभूति मिली।
न्यायपालिका की स्वतंत्रता, सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता उनके चुनावी एजेंडे के प्रमुख मुद्दे रहे।
Who is Gadi Eizenkot: इजरायल की राजनीति में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चुनौती देने वाले प्रमुख नेताओं में पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट का नाम चर्चा में है। आम चुनाव के शुरुआती एग्जिट पोल में विपक्षी गठबंधन को बढ़त मिलने के बाद आइजनकोट की भूमिका अहम हो गई है। हालांकि, किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण सरकार गठन को लेकर बातचीत निर्णायक होगी।
66 वर्षीय गादी आइजनकोट इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने 2015 से 2019 तक सेना का नेतृत्व किया। सैन्य पृष्ठभूमि और अनुशासित कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आइजनकोट राजनीति में अपेक्षाकृत शांत और व्यावहारिक नेतृत्व की छवि पेश करते हैं। वह देश में बढ़ते राजनीतिक विभाजन को कम करने और स्थिरता लाने की बात करते रहे हैं।
आइजनकोट को उदारवादी छवि वाला नेता माना जाता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में उनका रुख सख्त रहा है। वह हमास के शासन को समाप्त करने के पक्षधर हैं और फिलिस्तीनी राज्य के गठन का समर्थन नहीं करते। सैन्य रणनीति के क्षेत्र में भी उनका लंबा अनुभव रहा है।
गाजा संघर्ष के दौरान आइजनकोट के बेटे गाल की मौत ने उन्हें व्यक्तिगत त्रासदी से जोड़ा। उनके दो भतीजों की भी युद्ध में जान गई। इस घटना के बाद कई इजरायलियों ने उनके प्रति सहानुभूति जताई। उनके समर्थक उन्हें ऐसा नेता बताते हैं जिसने युद्ध की कीमत अपने परिवार में भी चुकाई है।
आइजनकोट ने इजरायल में न्यायपालिका की स्वतंत्रता, कानून के शासन, स्वतंत्र मीडिया और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा का समर्थन किया है। उन्होंने धार्मिक छात्रों को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट सीमित करने की भी बात कही है।
अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती विपक्षी दलों को एकजुट कर सरकार बनाने की है। शुरुआती एग्जिट पोल अंतिम परिणाम नहीं हैं। आधिकारिक मतगणना और गठबंधन वार्ताओं के बाद ही तय होगा कि नेतन्याहू को सत्ता से हटाने की विपक्ष की कोशिश कितनी सफल होती है।