इस्माइल घानी ने अमेरिका को रेजिस्टेंस फ्रंट की ताकत कम न आंकने की चेतावनी दी
घानी ने होर्मुज और बाब अल-मंडेब समुद्री रास्तों का जिक्र किया
ईरानी कमांडर ने नेतन्याहू पर ट्रंप को गुमराह करने का आरोप लगाया
Esmail Qaani Warns US: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुद्स फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल घानी ने अमेरिका को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने बुधवार को अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध में अपने जुआ खेलने वाले व्यवहार को जारी रखने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रेजिस्टेंस फ्रंट पूरे इलाके में मिलकर कार्रवाई करके वाशिंगटन को बड़े झटके देने में सक्षम है।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, घानी ने हाल ही एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान कहा कि अमेरिकी नेताओं को रेजिस्टेंस फ्रंट की क्षमताओं और सामरिक पहुंच को कम आंकने को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि रेजिस्टेंस फोर्स अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अलग-अलग इलाकों में एकजुट हो गई हैं।
IRNA के मुताबिक, घानी ने कहा कि रेजिस्टेंस फ्रंट की सामरिक गहराई को सिर्फ उसके हथियारों की रेंज से नहीं मापा जा सकता। उन्होंने कहा, उन गैर-जिम्मेदार अमेरिकी नेताओं को पता होना चाहिए कि आज पूरा रेजिस्टेंस अलग-अलग इलाकों में एकता के साथ एक फ्रंट है। इसलिए, सिर्फ हथियारों की रेंज के आधार पर फ्रंट की गहराई का हिसाब न लगाएं। आपको रेजिस्टेंस की गहराई को भी ध्यान में रखना होगा।
उन्होंने दो जरूरी समुद्री रास्तों से जुड़े संभावित हमलों को लेकर चेतावनी देते हुए कहा, नहीं तो, आप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हथियारों के साथ युद्ध लड़ते रहेंगे, जबकि रेजिस्टेंस के जरिए बाब अल-मंडेब के खुलने का सामना करना पड़ेगा।
कुद्स फोर्स कमांडर ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष ने अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाया है और इसके नतीजे में होर्मुज स्ट्रेट में वाशिंगटन को झटका लगा है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सामरिक जलमार्ग पर अमेरिकी स्थिति ने रेजिस्टेंस फ्रंट को बाब अल-मंडेब स्ट्रेट से जुड़ी कार्रवाई की धमकी देने के लिए उकसाया, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है।
घानी ने अमेरिका को चेतावनी देते हए कहा कि अगर अमेरिका ने संघर्ष में अपना जुए वाला व्यवहार जारी रखा, तो रेजिस्टेंस फ्रंट सोची-समझी कार्रवाई के जरिए बड़े झटके दे सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई जमीन पर और रेजिस्टेंस फ्रंट की रणनीतिक गहराई में दोनों जगह हो सकती है।
इससे पहले, 3 नवंबर को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद में स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत ईरान के वरिष्ठ नेता ने देश की सैन्य नेतृत्व से लड़ाई रोकने के मकसद से कतर की मध्यस्थता वाले प्रस्ताव पर विचार करने की अपील की थी।