अमेरिका का केसी-135 विमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान जंग में अमेरिका को भारी चोट, 64 लाख के 'आत्मघाती' ड्रोन ने तबाह किया 7.5 अरब का विमान; 4 सैनिकों की मौत

Iran US War: ईरान संघर्ष के 14वें दिन इराक रेजिस्टेंस फ्रंट ने अमेरिकी वायुसेना के केसी-135 विमान को मार गिराने का दावा किया है। इस हमले में 4 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है।

अमन उपाध्याय

KC-135 Plane Crash: ईरान के साथ जारी संघर्ष के 14वें दिन संयुक्त राज्य अमेरिका को एक बड़ा रणनीतिक और वित्तीय झटका लगा है। तेहरान समर्थित इराक रेजिस्टेंस फ्रंट ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी वायुसेना के एक बहुमूल्य विमान, केसी-135 (KC-135), को मार गिराया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस विमान की कीमत करीब 7.5 अरब रुपये (750 करोड़) है, उसे महज 64 लाख रुपये की लागत वाले एक ईरानी 'सुसाइड' ड्रोन से ध्वस्त कर दिया गया।

भीषण हमले में 4 अमेरिकी सैनिकों की मौत

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, रेजिस्टेंस फ्रंट ऑफ इराक ने एक बयान जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन का कहना है कि उन्होंने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इस विमान हादसे में 4 अमेरिकी सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हैं। इस ताजा घटना के बाद ईरान के साथ जारी इस जंग में जान गंवाने वाले अमेरिकी जवानों की कुल संख्या अब 11 हो गई है। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि विमान को मिलिशिया ने ही निशाना बनाया है।

64 लाख के 'हदीद-110' ड्रोन का कहर

इराक रेजिस्टेंस फ्रंट को हाल ही में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए 'हदीद-110' (Hadid-110) ड्रोन मिले थे। यह एक घातक आत्मघाती ड्रोन है, जो 510 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह खुद ही टारगेट को खोजकर उस पर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। गुरुवार (12 मार्च) को मिलिशिया ने 13 अलग-अलग ठिकानों पर इन ड्रोनों से हमला किया था, और माना जा रहा है कि इसी दौरान अमेरिकी विमान को भी निशाना बनाया गया।

अमेरिकी वायुसेना की 'लाइफलाइन'

ध्वस्त हुआ केसी-135 विमान बोइंग कंपनी द्वारा निर्मित है और 1956 से अमेरिकी वायुसेना की सेवा में तैनात है। यह विमान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हवा में ही लड़ाकू विमानों और बमवर्षकों में ईंधन भरने का काम करता है।, यह विमान एक बार में 90 हजार लीटर तेल लेकर उड़ सकता है और इसकी अधिकतम गति 935 किमी प्रति घंटा है। वर्तमान में अमेरिकी बेड़े में ऐसे 803 विमान शामिल हैं, जिनका उपयोग फ्रांस और तुर्की जैसे देश भी करते हैं।

संगठन का इतिहास और बढ़ता तनाव

इराक रेजिस्टेंस फ्रंट का अस्तित्व 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद मजबूती से उभरा था। यह संगठन 'अक्ष-ए-मुकावमत' (Axis of Resistance) नेटवर्क का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लेबनान, ईरान, इराक और सीरिया में अमेरिकी सैन्य और राजनीतिक प्रभाव का विरोध करना है। इस ताजा हमले ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को और अधिक गहरा दिया है।

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