डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ और मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)  
विदेश

पाकिस्तान की मध्यस्थता फेल! ईरान ने खारिज कीं अमेरिका की 15 शर्तें, खाड़ी क्षेत्र में अब आर-पार की जंग

Pakistan Mediation Fails: अमेरिका के सीजफायर प्लान को ठुकराने के बाद ईरान ने कुवैत हवाई अड्डे और कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भीषण हमले किए हैं। इस तनाव से वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मची है।

अमन उपाध्याय

Iran Rejects US Ceasefire Proposal: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच कूटनीति की एक बड़ी कोशिश नाकाम होती नजर आ रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान ने इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए वाशिंगटन का यह प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाया था लेकिन ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को पूरी तरह नकार दिया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और अमेरिकी प्रस्ताव

रॉयटर्स के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद के मध्यस्थों के जरिए यह अहम दस्तावेज ईरान को सौंपा था। इस 15-सूत्रीय प्रस्ताव में तनाव कम करने के लिए कई बड़े प्रलोभन और शर्तें शामिल थीं। इनमें ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, नागरिक परमाणु सहयोग, और ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कटौती जैसे बिंदु प्रमुख थे। इसके अलावा, प्रस्ताव में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं तय करने और Strait of Hormuz से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात भी कही गई थी।

ईरान का कड़ा रुख और सैन्य जवाबी कार्रवाई

तेहरान ने न केवल इन कूटनीतिक कोशिशों को ठुकराया, बल्कि वाशिंगटन का मजाक भी उड़ाया है। ईरान की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि वह फिलहाल समझौते के मूड में नहीं है। बातचीत से इनकार करने के बाद तेहरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अपने हमलों की रफ्तार और तेज कर दी है। हालिया हमलों में कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया गया जिससे वहां भीषण आग लग गई और चारों तरफ धुएं का गुबार छा गया। यही नहीं, ईरान ने कतर के अल उदैद एयरबेस, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े और ओमान के थमरेट एयरबेस पर भी बमबारी की है। सऊदी अरब और इराक के इरबिल में भी ईरानी मिसाइलों ने भारी तबाही मचाई है।

परमाणु ठिकानों पर हमला और तेल संकट

दूसरी तरफ, अमेरिका और इजरायल ने भी ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ईरानी मीडिया के अनुसार, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास नए हमले किए गए हैं। इसके साथ ही नतांज और फोर्डो जैसे परमाणु केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है। सैन्य तैयारियों को पुख्ता करते हुए अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में मरीन सैनिकों की सहायता के लिए पैराट्रूपर्स की तैनाती शुरू कर दी है।

ईरान-अमेरिका युद्ध का सबसे खतरनाक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। Strait of Hormuz जहां से दुनिया के कुल तेल का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है वहां बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने होर्मुज पर अपनी सख्ती और बढ़ाई तो दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट की चपेट में आ सकती है। वर्तमान में कूटनीति विफल होती दिख रही है और सैन्य ताकत का इस्तेमाल ही दोनों पक्षों की प्राथमिकता बनी हुई है।

AIIB Meeting: एआईआईबी की बैठक में भाग लेने कतर पहुंचीं वित्त मंत्री, जानें भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा

FCRA संशोधन बिल पर जेपीसी की दूसरी बैठक कल! गृह और कानून मंत्रालय के अधिकारी देंगे क्लॉज-वाइज जानकारी

दस घंटे की मेहनत पर फिरा पानी! फरीदाबाद में 200 फीट गहरे बोरवेल से रेस्क्यू के बाद 3 साल की नेहा की मौत

Tamil Nadu Gold Ring Scheme: नवजातों को 1gm सोने की अंगूठी, लेकिन मदुरै से ही शुरुआत क्यों? जानिए मामा कनेक्शन

आसमान की तरफ खिंचता दिखा नदी का पानी! समस्तीपुर में बना दुर्लभ जल बवंडर, देखें वायरल Video और जानें साइंस