अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' का दावा! यूरेनियम संवर्धन पर ट्रंप ने लगाया रोक, कहा- हथियार देने वालों पर 50% टैरिफ

Iran Regime Change Claim: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में सकारात्मक सत्ता परिवर्तन और 15 अमेरिकी शर्तों पर सहमति का दावा किया है। उन्होंने यूरेनियम संवर्धन रोकने और सहयोग की नई राह की घोषणा की है।

अमन उपाध्याय

Iran Regime Change Trump 50 Percent Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद एक अत्यंत महत्वपूर्ण और वैश्विक राजनीति को प्रभावित करने वाला बयान जारी किया है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में अब 'सकारात्मक सत्ता परिवर्तन' (Positive Regime Change) हो चुका है और वहां की नई व्यवस्था अब अमेरिका के साथ सहयोग के लिए तैयार है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरे पश्चिम एशिया में पिछले काफी समय से तनाव चरम पर था। इस युद्धविराम को न केवल क्षेत्र में शांति की बहाली बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

15 शर्तों पर बनी ऐतिहासिक सहमति

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में जानकारी दी कि अमेरिका द्वारा प्रस्तुत की गई 15 प्रमुख शर्तों में से कई पर ईरान की ओर से आधिकारिक सहमति मिल गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से कुछ बिंदुओं पर पहले से ही दोनों पक्षों के बीच अनौपचारिक सहमति थी जिसे अब औपचारिक रूप दे दिया गया है। इस समझौते का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब ईरान में यूरेनियम का संवर्धन (Uranium Enrichment) तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका अब एक प्रतिद्वंद्वी के बजाय एक सहयोगी के रूप में ईरान के साथ मिलकर काम करेगा ताकि क्षेत्र को परमाणु खतरों से पूरी तरह मुक्त रखा जा सके।

हथियार आपूर्तिकर्ताओं पर भारी आर्थिक प्रहार

ईरान को सैन्य मजबूती प्रदान करने वाले देशों को राष्ट्रपति ट्रंप ने सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए ऐलान किया कि जो भी देश ईरान को हथियारों की सप्लाई जारी रखेगा, उसे अमेरिका के कड़े आर्थिक एक्शन का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप ने घोषणा की कि ऐसे देशों से अमेरिका आने वाले हर उत्पाद पर 50% का भारी टैरिफ (Tariff) लगाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस आदेश में किसी भी राष्ट्र को कोई छूट या रियायत नहीं दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना और उन शक्तियों को हतोत्साहित करना है जो क्षेत्र में संघर्ष को बढ़ावा दे सकती हैं।

डोनाल्ड ट्रंप का पोस्ट

वैश्विक व्यापार की नई दिशा

सीजफायर के बाद अब दोनों देशों के बीच टैरिफ और व्यापारिक मुद्दों पर गहन बातचीत का दौर शुरू हो गया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि ईरान समझौते की शर्तों पर टिका रहता है तो उस पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे हटाया जा सकता है और टैरिफ में कटौती की जा सकती है।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि हथियार सप्लाई करने वाले देशों पर 50% टैक्स लगाने के फैसले से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापारिक रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं और वैश्विक बाजार में चीजें महंगी हो सकती हैं। फिलहाल, ट्रंप की इस नई रणनीति ने वैश्विक राजनीति में सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करने की कोशिश की है।

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