ईरान की दो एनर्जी साइटों पर हमला (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप का दोगलापन...पहले ईरान से बातचीत का किया दावा, फिर दो एनर्जी साइटों पर कर दिया हमला, देखें VIDEO

US-Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति का संकेत दिया, लेकिन ईरान के दो ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों और ट्रंप के दावे को ईरान द्वारा खारिज करने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।

अक्षय साहू

Missile Attack Iran Energy Sites: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को समाप्त करने की ओर इशारा किया है, लेकिन ईरान से जुड़े हाल के घटनाक्रम ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार तड़के, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के निकट एक अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि देश के दो महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्रों पर हवाई हमले हुए हैं।

इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने में विफल रहता है, तो अमेरिका उनके ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करेगा। इस बयान के कुछ ही समय बाद आई रिपोर्ट में कहा गया कि इस्फहान में प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे और खोर्रमशहर में बिजली संयंत्र के लिए गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया।

अमेरिका-इजरायल ने नहीं ली जिम्मेदारी

हालांकि, सोमवार को हुए इन हमलों की जिम्मेदारी न तो इजरायल ने ली और न ही अमेरिका ने। दोनों देशों की रणनीति यह रही है कि अक्सर वे अपने हमलों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करते।  रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि इन दो संयंत्रों को सीधे निशाना बनाया गया या किसी अन्य हमले के दौरान इनको नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक सुरक्षा पर नया सवाल खड़ा कर दिया है। हमले की खबर के ठीक पहले ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने ईरान के एक 'सम्मानित' नेता के साथ बातचीत की है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की समय सीमा को भी 5 दिन बढ़ा दिया। लेकिन ईरान ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप फेक न्यूज फैला रहे हैं और उनकी किसी भी तरह की कोई बातचीत हुई ही नहीं।

डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर शक

ससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका और ईरान के बीच सूचना और बयानबाजी का खेल जारी है। डोनाल्ड ट्रंप के शांति संकेतों के बावजूद, घटनाएं क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। दोनों पक्षों के बयान और मीडिया रिपोर्ट्स में अंतर ने वैश्विक समुदाय में मिश्रित प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर दी हैं।

इस पूरे घटनाक्रम से यह संदेश भी मिलता है कि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविक घटनाओं के बीच अक्सर अंतर होता है।

निजामाबाद में खौफनाक वारदात, दो मासूमों को मौसी के घर छोड़ा, फिर दंपती ने दी जान

आज की ताजा खबर 12 अगस्त LIVE: टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का पद से इस्तीफा

हर सवाल का जवाब देंगे, अमित शाह ने विपक्ष को दी संसद में चर्चा की चुनौती, राहुल गांधी बोले- कोई दिलचस्पी नहीं

मेसी के केरल दौरे के विवाद में आया नया नाम, आखिर कौन हैं अमीरा आयशा बेगम? ईमेल में क्यों थी उनकी कॉपी?

शाह का लेक्चर नहीं सुनना... छात्रों पर एक्शन से गुस्से में विपक्ष, राहुल गांधी के 3 तीखे सवालों से गरमाई संसद