ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा ख़ामेनेई फोटो (सोर्स- AI जनरेटेड)
विदेश

Hormuz Strait: यूएई के जहाज पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, कहा- रास्ता नहीं खुलेगा

Hormuz Strait Clash: यूएई के जहाज पर हुए मिसाइल हमले के बाद ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं सुधारेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता नहीं खोला जाएगा।

प्रिया सिंह

Hormuz Strait Shipping Crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत अंतिम दौर में है, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि केवल रूट समझौते से यह रास्ता नहीं खुलेगा। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी राष्ट्रीय तेल कंपनी के जहाज पर ईरानी मिसाइल हमले का दावा किया है, जिससे तनाव बढ़ गया है।

इस बीच ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने पुष्टि की है कि हमले के बाद जहाज के इंजन कक्ष की आग बुझा ली गई है। हालांकि, ओमान ने जलमार्ग में जहाजों पर हो रहे हमलों की निंदा की है, लेकिन उसने किसी भी देश का सीधा नाम लेने से पूरी तरह परहेज किया है।

ओमान के साथ अस्थायी समझौते की कोशिश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ओमान के साथ बनी सहमति का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट फिर खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों देश वर्तमान में एक अस्थायी शिपिंग रूट पर चर्चा कर रहे हैं क्योंकि अभी भी कई तकनीकी और सैन्य पेचीदगियां बनी हुई हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाकर जोलकद्र ने अमेरिका के सामने कई सख्त शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका प्रतिबंध नहीं हटाएगा और जब्त की गई ईरानी संपत्ति नहीं लौटाएगा, तब तक इस बेहद रणनीतिक रास्ते को पूरी तरह से नहीं खोला जाएगा।

टोल टैक्स का बोझ और वैश्विक महंगाई

युद्ध की शुरुआत होने के बाद से ही ईरान इस समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले सभी विदेशी तेल टैंकरों पर भारी टोल टैक्स वसूल रहा है। इस मनमाने टैक्स के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई में भारी उछाल आया है।

सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर वेलायती ने दावा किया कि इस हालिया सैन्य संकट ने ईरानी सेना की असली ताकत को साबित किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की यहां करारी हार हुई है, जिससे साबित होता है कि विदेशी ताकतें ही इस क्षेत्र में असुरक्षा की मुख्य वजह हैं।

प्रतिरोध गठबंधन और अमेरिका का रुख

यह रणनीतिक गठबंधन साल 2002 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के ‘Axis of Evil’ वाले भड़काऊ बयान के जवाब में सामने आया था। इस बड़े गठबंधन में लेबनान का हिज्बुल्लाह, यमन के हूती और इराक-सीरिया के कई लड़ाके गुट शामिल हैं जो ईरान के समर्थन से लगातार सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका इस समय ईरान के मामले में कूटनीतिक और सैन्य दोनों विकल्पों पर विचार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संकट के शांतिपूर्ण समाधान के बाद इस क्षेत्र से कच्चे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति फिर से पहले की तरह सामान्य हो सकेगी।

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