ईरान ने यूरोपीय संघ की सेनाओं को 'आतंकवादी समूह' घोषित किया, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान का बड़ा पलटवार; EU की सेनाओं को घोषित किया 'आतंकवादी संगठन', ट्रंप की धमकी के बीच युद्धाभ्यास शुरू

Iran EU Conflict: ईरान ने यूरोपीय संघ की सेनाओं को 'आतंकवादी समूह' घोषित कर हड़कंप मचा दिया है। यह कदम EU द्वारा IRGC पर की गई कार्रवाई के जवाब में उठाया गया है, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ गया है।

अमन उपाध्याय

Iran Declares EU Armies Terrorist: मध्य पूर्व में तनाव एक नए और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार, 1 फरवरी 2026 को ईरान की संसद ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लेते हुए यूरोपीय संघ (EU) के सभी सदस्य देशों की सेनाओं को 'आतंकवादी संगठन' घोषित कर दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि अब से इस्लामी गणराज्य इन सेनाओं को आतंकी समूहों की श्रेणी में रखेगा।

वर्दी पहनकर संसद पहुंचे सांसद, जताया कड़ा विरोध

ईरान की संसद में रविवार को दृश्य काफी असामान्य था। संसद अध्यक्ष कालिबाफ और कई अन्य सांसद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की वर्दी पहनकर सदन में पहुंचे। यह कदम IRGC के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उठाया गया था। गौरतलब है कि यूरोपीय संघ ने हाल ही में ईरान के अर्धसैनिक बल IRGC को, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर की गई हिंसक कार्रवाई के आधार पर, एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इसी के जवाब में ईरान ने 2019 में पारित एक कानून के अनुच्छेद 7 का हवाला देते हुए यूरोपीय सेनाओं के खिलाफ यह कार्रवाई की है।

रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य अभ्यास

बयानबाजी के साथ-साथ ईरान जमीनी स्तर पर भी अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। ईरान ने रविवार और सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़े सैन्य अभ्यास की योजना बनाई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे समय में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं ईरान का यह युद्धाभ्यास पश्चिमी देशों के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

IRGC की ताकत और सर्वोच्च नेता का नियंत्रण

ईरान की IRGC कोई साधारण सैन्य टुकड़ी नहीं है यह देश के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को नियंत्रित करती है और ईरानी अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से पर इसका दबदबा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बल सीधे ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति जवाबदेह है।

संसद सत्र के दौरान सांसदों ने 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'इजरायल मुर्दाबाद' के नारे लगाकर अपनी मंशा साफ कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह घोषणा काफी हद तक प्रतीकात्मक है, जैसा कि उसने पहले अमेरिका द्वारा IRGC को प्रतिबंधित किए जाने पर किया था। हालांकि, ट्रंप के हालिया बयानों के बाद, जिसमें उन्होंने कहा कि 'ईरान बातचीत कर रहा है', यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया मोड़ कूटनीति की दिशा बदलता है या युद्ध की ओर ले जाता है।

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