डिजिटल अरेस्ट का तरीका। इमेज-एआई 
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कंबोडिया से भारतीयों को ठगा जा रहा... डिजिटल अरेस्ट का पूरा खेल उजागर, कैसे चल रहा था धंधा?

Digital Arrest Centers : कंबोडिया में संचालित सैकड़ों सेंटरों के माध्यम से हजारों लोगों को डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। इन सेंटरों पर फर्जी पुलिस स्टेशन और सीबीआई के ऑफिस भी बनाए गए थे।

रंजन कुमार

Digital Arrest Scam News : भारत में कोहराम मचाने वाले डिजिटल अरेस्ट के पीछे के असली चेहरों का अब पर्दाफाश हो गया है। कंबोडियाई अधिकारियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन में उन 190 ठगी केंद्रों को सील कर दिया है, जहां से भारत समेत कई देशों के लोगों को लूटा जा रहा था। यह कार्रवाई तब हुई जब हाल में भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई कि डिजिटल अरेस्ट के जरिए देशवासियों से करीब 54 हजार करोड़ रुपये ठगे जा चुके हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों और रॉयटर्स की रिपोर्ट ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है। कंबोडिया में स्कैमर्स ने बाकायदा फिल्मों के सेट की तरह फर्जी पुलिस स्टेशन और CBI ऑफिस बना रखे थे। इन कमरों में भारतीय अधिकारियों जैसी वर्दी, अशोक स्तंभ और यहाँ तक कि महात्मा गांधी की तस्वीरें भी लगाई गई थीं, ताकि वीडियो कॉल के दौरान शिकार को यह यकीन हो जाए कि वह असली जांच एजेंसी के सामने खड़ा है।

11 हजार गिरफ्तार, 7 हजार का गिरोह

कंबोडिया के वरिष्ठ मंत्री और कमीशन फॉर कॉम्बैटिंग ऑनलाइन स्कैम्स के चेयरपर्सन छाय सिनारिथ ने पुष्टि की है कि पिछले एक हफ्ते में लगभग 190 जगहों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 11 हजार से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया गया है। छापेमारी के दौरान माय कैसिनो नामक जगह से गिरोह के सरगना ली कुओंग को तो दबोच लिया गया, लेकिन वहां मौजूद 7 हजार कर्मचारी भागने में सफल रहे।

ठगी की गाइडबुक बरामद

जांच के दौरान पुलिस को ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जो किसी ट्रेनिंग मैनुअल की तरह हैं। इनमें विस्तार से लिखा गया था कि कैसे अलग-अलग देशों के लोगों की मनोवैज्ञानिक कमजोरी का फायदा उठाना है। अधिकारियों को डराने के लिए कौन सी भाषा बोलनी है और पैसे वसूलने के लिए सीबीआई या नारकोटिक्स विभाग का डर कैसे पैदा करना है। इसकी पूरी स्क्रिप्ट इन सेंटरों से बरामद हुई है।

बॉर्डर के पास से हो रहा था संचालित

डिजिटल अरेस्ट का यह अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट बॉर्डर के पास के इलाकों से संचालित हो रहा था। कंबोडिया की इस कार्रवाई ने भले ही गिरोह की कमर तोड़ दी हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। भारतीय एजेंसियां अब उन नेटवर्क को खंगाल रही हैं जिन्होंने इन स्कैमर्स को भारतीय नागरिकों का डेटा मुहैया कराया था।

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