अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (सोर्स- AI) 
विदेश

ट्रंप-पुतिन दोनों को चाहिए पीएम मोदी का साथ! भारत से नजदीकी बढ़ाने के पीछे क्या है महाशक्तियों की मजबूरी?

India US Russia Relations: पुतिन और ट्रंप ने भारत की तारीफ की। दोनों देश पीएम मोदी संग बेहतर संबंध चाहते हैं। पुतिन ने भारत पर दबाव को गलत बताया, वहीं ट्रंप ने मोदी को अपना बहुत अच्छा दोस्त कहा।

प्रिया सिंह

India US Russia Relations Top Global Power: दुनिया की दो बड़ी महाशक्तियों ने कुछ ही घंटों के भीतर भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की विदेश नीति और ताकत की भरपूर सराहना की है। ये दोनों देश भारत के साथ अपने कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते बहुत ज्यादा मजबूत करना चाहते हैं। ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना एक बेहद अच्छा दोस्त बताते हुए जल्द व्यापार समझौते की पक्की उम्मीद भी जताई है।

पुतिन ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर किसी भी तरह का दबाव डालना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने भारत को 1.5 अरब की आबादी वाला एक महान देश और बड़ा लोकतंत्र बताया है। भारत और रूस का व्यापार 43.81 अरब अमेरिकी डॉलर रहा है जिसमें रूस से आयात 40.81 अरब अमेरिकी डॉलर है। दूसरी तरफ अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस 40 अरब डॉलर से भी अधिक है जिससे देश को बहुत फायदा होता है और अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।

पुतिन ने की भारत की स्वतंत्र नीति की तारीफ

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग फोरम में भारत को एक बहुत ही भरोसेमंद साथी बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को भारत पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डालना चाहिए क्योंकि यह गलत है। 1947 से रूस भारत के निर्माण में सहयोग कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। दोनों देशों के रिश्ते बहुत ही स्वाभाविक और गहरे हैं जो भविष्य में भी तेजी से आगे बढ़ते रहेंगे।

ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया अच्छा दोस्त

डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी खास शैली में पीएम मोदी के साथ अपनी गहरी दोस्ती का विशेष रूप से जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि भारत के साथ अमेरिका का नया व्यापार समझौता जल्द ही पूरी तरह संपन्न हो सकता है। टैरिफ व्यवस्था की पुरानी आलोचना के बावजूद दोनों देशों के बीच शानदार व्यापार वार्ता आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने कहा कि उनके पीएम मोदी के साथ व्यक्तिगत संबंध काफी अच्छे हैं।

अमेरिका और रूस के लिए भारत का महत्व

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाने के लिए अमेरिका को भारत के मजबूत साथ की बहुत ही ज्यादा जरूरत है। वहीं पश्चिमी देशों से कट चुके रूस को अपनी स्वायत्तता के लिए भारत जैसा एक अहम भागीदार चाहिए। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई एक विशाल अर्थव्यवस्था है जिसकी 1.4 अरब आबादी उसकी बड़ी ताकत है। इसीलिए दोनों महाशक्तियां भारत के साथ हमेशा डटकर खड़ा रहना चाहती हैं।

व्यापारिक संबंधों में भारत का पलड़ा भारी

भारत का अमेरिका के साथ व्यापार बहुत शानदार है और देश का ट्रेड सरप्लस 40 अरब डॉलर से ऊपर का है। वहीं रूस के साथ द्विपक्षीय व्यापार 43.81 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा जिसमें भारत का निर्यात 3.00 अरब अमेरिकी डॉलर है। अमेरिका मशीनरी और दवाइयों जैसी कई जरूरी चीजों के लिए भारत पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है। इन सटीक आंकड़ों से साफ है कि भारत विश्व पटल पर एक बहुत बड़ी और मजबूत आर्थिक शक्ति है।

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