

Pete Hegseth Shangri La Dialogue US Indo-Pacific Defense Strategy: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों को आगाह किया है कि केवल सुरक्षा बैठकों और चर्चाओं से अब क्षेत्र में शांति सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
हेगसेथ ने आगे कहा कि चीन के बढ़ते प्रभाव और उसके सैन्य विस्तार का मुकाबला करने के लिए सहयोगियों को अपनी सैन्य तैयारी को धरातल पर मजबूत करना होगा। उनके अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए एक मजबूत सैन्य ताकत और गहरा सहयोग अनिवार्य है।
पीट हेगसेथ ने सुझाव देते हुए कहा कि अमेरिका के सहयोगी देशों को अपनी जीडीपी का लगभग 3.5 प्रतिशत हिस्सा रक्षा पर खर्च करना चाहिए। यह मांग मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति केवल बातों से नहीं, बल्कि संसाधनों से आती है। इसके लिए उन्होंने देशों को जहाजों, पनडुब्बियों और आधुनिक रक्षा प्रणालियों जैसे संसाधनों में निवेश बढ़ाने की सलाह दी, ताकि किसी भी संभावित आक्रामकता को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
चीन की बढ़ती सैन्य ताकत पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए हेगसेथ ने कहा कि बीजिंग अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से विस्तार कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन के बीच संवाद की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हुई है। जापान का उदाहरण देते हुए उन्होंने सराहना की कि किस तरह जापान जैसे देश अमेरिका के साथ मिलकर अपनी रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहे हैं। ताइवान के संवेदनशील मुद्दे पर हेगसेथ ने सीधे जवाब से बचते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका की मौजूदा नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
इस दौरे पर दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच का तनाव भी चर्चा का केंद्र रहा। हेगसेथ ने दक्षिण कोरिया को युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल सौंपने की प्रक्रिया पर संतुलन बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि इस ट्रांसफर को अंजाम देते समय कोरियाई प्रायद्वीप पर दशकों से तैनात अमेरिकी सेना की भूमिका और उनकी जिम्मेदारियों का सम्मान किया जाना चाहिए।
योन्हाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच इस बात को लेकर मतभेद उभर रहे हैं कि इस नियंत्रण का हस्तांतरण कब और कैसे किया जाए। हेगसेथ का मानना है कि सैन्य योजनाओं और जिम्मेदारियों के बीच एक सटीक संतुलन ही क्षेत्र में सुरक्षा की गारंटी दे सकता है।