विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और बर्मिंघम के 116वें लॉर्ड मेयर जाकिर चौधरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

बर्मिंघम मेयर के कश्मीर बयान पर विदेश मंत्रालय का करारा जवाब, कहा- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग

Birmingham Mayor Kashmir Controversy: बर्मिंघम के मेयर जाकिर चौधरी के विवादित कश्मीर बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है।

प्रिया सिंह

India Slams Birmingham Mayor Zaker Choudhry Over Kashmir Remark: बर्मिंघम के लॉर्ड मेयर जाकिर चौधरी के कश्मीर को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और संप्रभु हिस्सा है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि भारत के आंतरिक मामलों में किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

जाकिर चौधरी ने 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कश्मीर का जिक्र करते हुए इसे पाकिस्तान का हिस्सा बताया था। उन्होंने भारत और पाकिस्तान से बातचीत के जरिए इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान निकालने की अपील की। उनके बयान के बाद ब्रिटेन में भी उनकी आलोचना हुई और सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई।

बर्मिंघम मेयर ने क्या कहा?

बर्मिंघम के 116वें लॉर्ड मेयर जाकिर चौधरी ने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान कश्मीर मुद्दे पर अपनी टिप्पणी रखी। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत को इस विवाद के समाधान का रास्ता बताया और दोनों पक्षों से बातचीत की मेज पर बैठने की अपील की।

PoK में जन्मे जाकिर चौधरी इसी साल मई में बर्मिंघम के पहले मुस्लिम लॉर्ड मेयर बने थे। वह 1969 में महज 14 साल की उम्र में ब्रिटेन पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2006 में उन्होंने काउंसिलर के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की।

विदेश मंत्रालय ने दिया दो टूक जवाब

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में मेयर के बयान पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और इस मुद्दे पर भारत की स्थिति बिल्कुल साफ है।

रणधीर जायसवाल की प्रतिक्रिया से यह भी स्पष्ट हुआ कि भारत कश्मीर से जुड़े अपने रुख में किसी तरह का बदलाव नहीं करने वाला है। विदेश मंत्रालय ने भारत के आंतरिक मामलों में बाहरी टिप्पणी और हस्तक्षेप को अनुचित बताया।

ब्रिटेन में भी बयान की आलोचना

जाकिर चौधरी की टिप्पणी के सामने आने के बाद ब्रिटेन में भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके बयान की आलोचना की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तक की गई।

हालांकि, चौधरी ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान की थी, जिसके कारण भारत में इसे विशेष रूप से संवेदनशील माना गया। भारत पहले भी कश्मीर को लेकर पाकिस्तान या अन्य देशों के नेताओं की टिप्पणियों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराता रहा है।

कश्मीर पर भारत का रुख साफ

कश्मीर मुद्दे पर भारत की नीति लंबे समय से स्पष्ट रही है। सरकार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में किसी विदेशी राजनीतिक प्रतिनिधि की ओर से क्षेत्र की स्थिति को लेकर की गई टिप्पणी को भारत स्वीकार नहीं करता।

बर्मिंघम मेयर के बयान पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया भी इसी स्पष्ट नीति को दोहराती है। भारत ने एक बार फिर संकेत दिया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से जुड़े मामलों में देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय हित सर्वोच्च हैं।

मुफ्त में काम कराने में नंबर-1 भारत, 16 घंटे से ज्यादा Unpaid वर्क करते हैं कर्मचारी; ADP रिपोर्ट में खुलासा

जिस नेता को बड़ा भाई बता हांक रहा था डींगे, उस नेता ने भी दर्ज कराई शिकायत...चौतरफा फंसा स्वतंत्र भारद्वाज

Delhi CJP Protest: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, CJP के थाने पहुंचते ही हुआ एक्शन

Explainer: पश्चिमी यूपी में टूटेगा चौधरी परिवार का समीकरण? 26% मुस्लिम वोटर अहम, स्वाभिमान रैली के क्या मायने

Teachers' Day 2026: क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन की 8 खास बातें