

Asif Ali Zardari Hindu Minority Remark: 14 अगस्त को पाकिस्तान ने अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हिंदू अल्पसंख्यकों को देश पर बोझ बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक मुस्लिम देश है लेकिन फिर भी वो 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी का बोझ उठा रहे हैं। इसके साथ ही जरदारी ने भारत के ‘अखंड भारत’ के विचार का भी जिक्र करते हुए इसे भारत का एजेंडा बताया।
आसिफ अली जरदारी का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने यह बयान 14 अगस्त को इस्लामाबाद में यादगार-ए-फतह विजय स्मारक समारोह में दिया था। जरदारी ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान और वहां के मुसलमान 3 से 4 प्रतिशत हिंदू आबादी को 'बर्दाश्त' करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अखंड भारत की बात करती है। यह भारत का अपना अलग नजरिया और एजेंडा है।
हालांकि, जरदारी ने अपने बयान में पाकिस्तान में रहने वाली हिंदू आबादी को लेकर गलत आंकड़ा दे दिया। दरअसल 2023 में पाकिस्तान में हुई जनगणना के मुताबिक देश में हिंदुओं की संख्या 52 लाख है, जो पाकिस्तान की कुल जनसंख्या के हिसाब से केवल 2.17 प्रतिशत ही है। यह आंकड़ा पाकिस्तानी राष्ट्रपति द्वारा बताए 3-4 प्रतिशत से कम भी है।
आसिफ अली जरदारी ने अपने बयान में कहा कि हम मुसलमान हैं, वो नहीं हैं। लेकिन हमारी सोच ऐसी है कि हम 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को बर्दाश्त कर रहे हैं और उनका बोझ उठा रहे हैं। जरदारी ने दावा किया कि पाकिस्तान में हिंदू पूरी तरह आजाद हैं और वो पाकिस्तान में रहते हुए खुश हैं और यहां रहना पसंद करते हैं।
जरदारी के बयान पर भारत की ओर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। केरल हाईकोर्ट के वकील रोहित मडास्सेरिल और लेखक व ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के शोधकर्ता अमित कृष्णकांत पॉल ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने जरदारी द्वारा बर्दाश्त शब्द के उपयोग पर सवाल उठाए। पॉल ने कहा कि पाकिस्तान का संविधान धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। इसके बाद भी ऐसी कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट आती रही हैं, जिसमें पाकिस्तान में हिंदू और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ जबरन धर्म परिवर्तन, अपहरण, भेदभाव और भीड़ हिंसा जैसी घटनाओं का जिक्र मिलता है।