India Ghana Relation: भारत और घाना के बीच रिश्तों में अब नई कड़िया जुड़ी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना यात्रा के दौरान, भारत और घाना ने वैज्ञानिक रिसर्च, एकेडमिक्स, क्षमता निर्माण और कृषि रिसर्च व शिक्षा में सहयोग के लिए दो समझौते किए। दोनों देश अपने 'साउथ-साउथ सहयोग' को आगे बढ़ाना चाहते थे। जयशंकर ने घाना, कोटे डी आइवर और इथियोपिया की अपनी तीन देशों की आधिकारिक यात्रा के पहले चरण के तहत, घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुद्ज़ेटो अबलाकवा के साथ इन समझौतों को साझा किया।
एस जयशंकर ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि इन समझौतों में जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और यूनिवर्सिटी ऑफ घाना के बीच एकेडमिक्स, वैज्ञानिक रिसर्च और क्षमता निर्माण में सहयोग, तथा इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च और घाना के CSIR-क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच कृषि रिसर्च और शिक्षा में सहयोग शामिल है।
घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुद्जेटो अबलाकवा की मौजूदगी में ये समझौते हुए। ग्लोबल साउथ के साझेदार के तौर पर, भारत और घाना दोनों की विकास की सोच और ऐतिहासिक एकजुटता एक जैसी है। दोनों मंत्रियों ने व्यापार, निवेश, विकास, फार्मास्यूटिकल्स, क्षमता निर्माण, रक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने और अफ्रीकी संघ और ECOWAS के साथ भारत के जुड़ाव को गहरा करने पर भी चर्चा की।
इससे पहले दिन में, जयशंकर ने अपनी तीन देशों की आधिकारिक यात्रा के पहले चरण के तहत घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा से मुलाकात की। बैठक के बाद, जयशंकर ने कहा कि राष्ट्रपति महामा के साथ बातचीत पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घाना की ऐतिहासिक यात्रा के बाद भारत-घाना साझेदारी में आई मजबूत गति पर केंद्रित थी। जयशंकर ने एक्स पर कहा कि आज दोपहर घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा से मिलकर सम्मान महसूस हुआ।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस जयशंकर 6 से 10 अक्टूबर तक घाना, कोटे डी आइवर और इथियोपिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान, वे अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और तीनों देशों के नेतृत्व से मिलकर दोस्ती और सहयोग के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि तीन देशों की इस यात्रा के दौरान व्यापार और आर्थिक संबंधों, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी।