इमरान खान की रिहाई के लिए PTI का लॉन्ग मार्च (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

PTI के मार्च पर में उमड़ा जनसैलाब, इमरान खान की रिहाई को लेकर सियासी घमासान, छावनी में तब्दील हुआ इस्लामाबाद

PTI Islamabad Long March 2026: इमरान खान की पार्टी PTI ने सरकार से बातचीत विफल होने के बाद इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च शुरू किया। मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने काफिले का नेतृत्व किया।

अक्षय साहू

Imran Khan PTI Long March: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद रविवार को इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया। यह मार्च खैबर पख्तूनख्वा से शुरू हुआ है। प्रांतीय मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी लक्की मरवत के गांदी चौक से समर्थकों के काफिले के साथ रवाना हुए। इस दौरान पार्टी के खैबर पख्तूनख्वा अध्यक्ष जुनैद अकबर खान भी उनके साथ मौजूद रहे।

सोहेल अफरीदी ने बताया कि उनका काफिला 8 अक्टूबर को खैराबाद पहुंचेगा। वहां पहुंचने के बाद वह आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा करेंगे। पार्टी के मुताबिक, मुख्यमंत्री गांदी चौक से काफिले में शामिल हुए और इसके बाद अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए। अफरीदी ने रविवार दोपहर करीब 1 बजे गांदी चौक से मार्च शुरू करने की जानकारी दी थी। PTI के मुताबिक टैंक, डेरा इस्माइल खान, दक्षिण वजीरिस्तान, उत्तर वजीरिस्तान, बन्नू और लक्की मरवत से भी समर्थकों के काफिले मार्च में शामिल होंगे।

इमरान खान की सरकार और उनकी नीति चलेगी

मार्च में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए सोहेल अफरीदी ने कहा कि उनकी PTI सरकार पश्तूनों के हितों के खिलाफ किसी भी नीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह इमरान खान की सरकार है और यहां केवल इमरान खान की सोच और नीति ही लागू होगी। उन्होंने मार्च को समर्थन देने के लिए पश्तून समुदाय के लोगों का आभार जताया। अफरीदी ने कहा कि राजनीतिक तनाव कम करने के उद्देश्य से PTI की बातचीत करने वाली समिति एक दिन पहले इस्लामाबाद गई थी।

बंद दरवाजों के पीछे फैसले लेने का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक ऐसी 'मानसिकता' वाला समूह लोगों पर एक और फैसला थोपने की तैयारी में है, जो बंद कमरों में निर्णय लेता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि PTI ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेगी। अफरीदी ने खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन और आपातकाल लागू किए जाने की किसी भी संभावना को खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रांत में केवल इमरान खान का शासन चलेगा।

सोहेल अफरीदी ने केंद्र सरकार पर आतंकवाद के मुद्दे को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 79 वर्षों से देश पर थोपी गई वही 'मानसिकता' अब लोगों पर सैन्य अभियान की नीति थोपना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रांतीय सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में शांति बहाल करने के लिए केंद्र को स्पष्ट नीति दी है। उनका दावा है कि अगर उस नीति को लागू किया जाए तो 100 दिनों के भीतर प्रदेश में शांति लौट सकती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके लिए शांति की नीयत जरूरी है।

PTI को खत्म करना चाहती है सरकार

अफरीदी ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा शांति स्थापित करने की नहीं बल्कि PTI को खत्म करने की है। उन्होंने कहा कि PTI को खत्म करना उनके लिए संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जिस आग को उन्होंने शुरू किया है, उसे PTI बुझाएगी। अफरीदी ने दावा किया कि करक में लोगों का बड़ा जमावड़ा होगा और स्वाबी पहुंचने तक लाखों लोग मार्च में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वास्तविक आजादी का आंदोलन देश के हर हिस्से तक पहुंचेगा।

इमरान खान से मुलाकात बनी बातचीत में अहम मुद्दा

सरकार और PTI के बीच हुई बातचीत में पार्टी ने कई मांगें रखी थीं। इनमें जेल में बंद इमरान खान से तत्काल मुलाकात और उन्हें ऐसे अस्पताल में स्थानांतरित करना शामिल था, जहां उनके निजी डॉक्टर उनकी जांच और इलाज कर सकें। शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच बातचीत का पहला दौर हुआ था।

इस दौरान सरकार और PTI ने अपनी-अपनी मांगें और पक्ष सामने रखे और बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी। शनिवार शाम करीब 5 बजे दोनों पक्षों के नेताओं के बीच दूसरे दौर की बातचीत शुरू हुई। कई घंटे तक चली यह वार्ता रविवार तड़के गतिरोध के साथ समाप्त हो गई।

पहले 27 सितंबर को निकलना था मार्च

PTI ने इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान पहले 27 सितंबर को किया था। हालांकि, प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बीच पार्टी ने इसे टालकर 4 अक्टूबर कर दिया। इस वजह से पाकिस्तान सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ा है।

PTI की अन्य मांगों में प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार की गई इमरान खान की बहनों और समर्थकों की रिहाई भी शामिल है। पार्टी ने इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की उचित मेडिकल जांच कराने और उनके मामलों की बिना किसी हस्तक्षेप के सुनवाई की मांग भी की है।

2023 से जेल में हैं इमरान खान

73 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान खान 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने समेत 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।

18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, खासकर आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्या को देखते हुए जांच और इलाज के लिए उन्हें इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में भेजने का आदेश दिया था। हालांकि, सरकार ने इस आदेश को चुनौती दी और बाद में पुनर्विचार याचिका भी दायर की।

इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने देंगे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। संघीय सरकार ने राजधानी की ओर जाने वाली सड़कों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।

प्रदर्शनकारियों को राजधानी में दाखिल होने से रोकने के लिए कई सड़कों पर शिपिंग कंटेनर भी लगाए गए हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने लाहौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोहेल अफरीदी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक टकराव के दौरान अगर किसी की जान जाती है तो इसके लिए अफरीदी जिम्मेदार होंगे। -एजेंसी इनपुट के साथ

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