Highlights:
पश्चिम एशिया में सऊदी और हूतियों के बीच तनाव बढ़ रहा है
हूतियों ने ऑयल साइट और हवाई अड्डों को निशाना बनाने का दावा किया
मक्का और मदीना पर हमले को लेकर दावा किया गया
Middle East Tension: पश्चिम एशिया में सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूतियों के बीच तनाव शनिवार को और बढ़ गया। हूतियों ने सऊदी में तेल सुविधाओं और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर किए गए हमलों को लेकर नया दावा किया। हूतियों ने कहा कि उन्होंने यानबू में सऊदी अरामको की एक सुविधा, रबीघ तेल रिफाइनरी और रियाद में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया। वहीं, यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने कहा कि समूह ने दक्षिणी यमन के बंदरगाह शहर अदन में तटरक्षक ठिकानों पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि समूह ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो चरणों में मिसाइलें दागीं, साथ ही पूर्व में दम्माम और दक्षिण में नजरां के हवाई अड्डों पर भी हमले किए।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने हूती हमलों के दावों पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन बताया कि मिसाइल का मलबा कथित तेल लक्ष्यों में से एक के पास गिरा।
हूतियों का कहना है कि सऊदी अरब के हमलों के जवाब में नए हमले हुए, जिनमें एक दर्जन से ज़्यादा लोग मारे गए।
हूतियों के ये नए दावे तब आए जब उनके टीवी चैनल अल-मसीरा ने कथित तौर पर सऊदी अरब पर यमन में अलग-अलग हमले करने का आरोप लगाया, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए। रियाद ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।
सऊदी अरब का कहना है कि मिसाइलों को रोके जाने के बाद मक्का और मदीना में छर्रे गिरे। सऊदी अरब की नागरिक रक्षा एजेंसी ने शनिवार को कहा कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों, मक्का और मदीना क्षेत्रों में हूती मिसाइलों को रोके जाने के बाद गिरे छर्रों का उसने जवाब दिया।
एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा बलों ने आतंकवादी हूती मिलिशिया द्वारा दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के बाद गिरे मलबे पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसमें यह भी बताया गया कि कुछ छर्रे मक्का के बाहर वादी मुघामस में गिरे।