Trump on France Student Protests 2026: फ्रांस में इन दिनों स्कूलों की खराब हालत और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर को लेकर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी बीच इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान सामने आया है। उन्होंने इसे इस्लामी ताकतों की साजिश बताया है। ट्रंप के मुताबिक, इस्लामी ताकतें फ्रांस में लोकतंत्र को हटाकर कब्जा करना चाहती हैं।
मंगलवार को छात्रों के समर्थन में पूरे फ्रांस में 2.5 लाख से ज्यादा लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। पेरिस समेत कई शहरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इससे प्रदर्शनकारी भड़क गए और प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पेरिस समेत कई शहरों में भारी आगजनी की है।
फ्रांस में शिक्षा के लिए ज्यादा फंड की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब कई हिस्सों में फैल चुका है। प्रदर्शन के दौरान स्कूलों, होटलों और सरकारी स्थानों को आग के हवाले किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा बलों के सामने स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शन की शुरुआत पेरिस के एक ग्रामीण इलाके से हुई थी, जिसके बाद इसका असर धीरे-धीरे पूरे फ्रांस में देखने को मिला। शुरुआत में आंदोलन में केवल स्कूली छात्र शामिल थे, लेकिन बाद में शिक्षक, कॉलेज के छात्र और अभिभावक भी इसमें शामिल हो गए।
फ्रांस में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया। उन्होंने इस स्थिति को अवैध घुसपैठ और जनसंख्या में असंतुलन से जोड़ते हुए कहा कि फ्रांस में जो कुछ हो रहा है, वह बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन का परिणाम है।
ट्रंप ने कहा कि, फ्रांस में जो हो रहा है, वह बेकाबू और बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन के नतीजे से कम नहीं है। यह स्कूलों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस्लाम के उस देश पर कब्जा करने की कोशिश के बारे में है जो कभी महान हुआ करता था। ट्रंप ने दावा किया कि फ्रांस के विरोध प्रदर्शनों का छात्रों से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि इस्लामी ताकतें फ्रांस पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं।
फ्रांस के मार्से, नांत, टूलूज, स्ट्रासबर्ग, ल्योन और रेनेस समेत कई शहरों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बावजूद कई जगहों पर हालात नियंत्रण में लाने में मुश्किलें सामने आईं।
प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए सरकार ने 2 हजार से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया है। वहीं, 1 हजार से ज्यादा स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करना चाहती है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारी फिलहाल बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।