अफगानिस्तान में भूकंप (फोटो- सोशल मीडिया) 
विदेश

अफगानिस्तान में भूकंप का कहर जारी, मौतों का आंकड़ा 1400 के पार, 3124 से ज्यादा लोग घायल

Afghanistan News: अफगानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप से 1,411 लोगों की मौत हो चुकी है। तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की मांग की है, जबकि राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।

अक्षय साहू

Earthquake in Afghanistan: अफगानिस्तान में आए भूकंप का कहर जारी है। इसमें अब तक 1,411 लोगों मौत हो चुकी है, जबकि घायलों की संख्या 3,124 पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भूकंप के बाद दुनियाभर के देशों से मदद की मांग की हैं। रविवार को देर रात पाकिस्तान सीमा के निकट पूर्वी अफगानिस्तान के इलाकों में 6.0 की तीव्रता का भूकंप आया था।

अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया कि घायलों को लगातार बाहर निकाला जा रहा है, जिससे मृतकों की संख्या में आगे बदलाव हो सकता है। बचाव कार्य तेजी से जारी हैं और टीमें अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।

हमें मदद की जरूरत: तालिबान

हम्माद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “हमें मदद की सख्त जरूरत है। भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, कई लोगों की जान चली गई है और सैकड़ों घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।” उन्होंने कहा, “यह त्रासदी अफगानिस्तान की पहले से ही बिगड़ी स्थिति को और गंभीर बना रही है। देश पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है और विदेशी मदद लगभग न के बराबर मिल रही है।”

जानकारी के मुताबिक, भारत, ब्रिटेन और चीन ने अफगानिस्तान की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत सरकार ने 1000 टेंट काबुल भेजे हैं। साथ ही, 15 टन खाने का सामान काबुल से कुनार भेजा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने X पर लिखा कि भारत आगे भी राहत सामग्री भेजेगा।

भूकंप के चलते कई इलाकों में भूस्खलन भी हुआ, जिससे सड़कों का संपर्क टूट गया। हालांकि, राहत एजेंसियों ने कुछ प्रमुख मार्गों को फिर से खोल दिया है, और बाकी सड़कों को जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाई जा सके।

पांच साल में तीसरा बड़ा भूकंप

तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। ब्रिटेन ने 10 लाख पाउंड (लगभग 13 लाख अमेरिकी डॉलर) की आपातकालीन सहायता देने का ऐलान किया है, जिसे मानवीय संगठनों के माध्यम से वितरित किया जाएगा, क्योंकि ब्रिटेन तालिबान शासन को मान्यता नहीं देता। इसके अलावा, चीन समेत कई अन्य देशों ने भी सहायता की पेशकश की है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह तीसरा बड़ा भूकंप है, जिसने अफगानिस्तान की पहले से ही जर्जर हो चुकी व्यवस्था पर और दबाव बढ़ा दिया है।

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