ग्रीनलैंड में विरोध प्रदर्शन, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप की जिद पर भड़का लोगों का गुस्सा, डेनमार्क से नूक तक सड़कों पर हजारों लोग; दूतावास को घेरने की तैयारी

Greenland Protests: डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की योजना के खिलाफ डेनमार्क और ग्रीनलैंड में भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लामबंद है।

अमन उपाध्याय

Trump Greenland News In Hindi: ग्रीनलैंड को हथियाने के डोनाल्ड ट्रंप के इरादों ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा कर दिया है। शनिवार को डेनमार्क और ग्रीनलैंड की राजधानी नूक सहित कई प्रमुख शहरों में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य ट्रंप को यह साफ संदेश देना है कि ग्रीनलैंड की लोकतांत्रिक व्यवस्था, उसके लोगों के अधिकार और आत्मनिर्णय की स्वतंत्रता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रमुख शहरों में प्रदर्शन की तैयारी

ग्रीनलैंडिक संगठनों ने डेनमार्क के कोपेनहेगन, आरहूस, ऑलबॉर्ग और ओडेंस के साथ-साथ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में बड़े मार्च और रैलियों का आयोजन किया है। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है। कोपेनहेगन में प्रदर्शनकारी रैली निकालकर अमेरिकी दूतावास तक पहुंचेंगे जबकि नूक में शाम 4 बजे से प्रदर्शनकारी ग्रीनलैंड के झंडे लेकर अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक मार्च करेंगे। आयोजकों का मानना है कि ट्रंप की यह योजना पूरी तरह से अवैध है।

ट्रंप की टैरिफ की धमकी और बढ़ता तनाव

यह विरोध प्रदर्शन उस समय तेज हुए हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी थी कि जो देश उनकी ग्रीनलैंड योजना का विरोध करेंगे, अमेरिका उन पर भारी टैरिफ लगा सकता है। हालांकि ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है लेकिन ट्रंप लंबे समय से इसे अमेरिकी हितों के लिए अपने नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

जनता की राय और अंतरराष्ट्रीय कानून

ग्रीनलैंड की जनता का मूड ट्रंप की योजना के बिल्कुल खिलाफ है। जनवरी 2025 में किए गए एक ताजा सर्वे के अनुसार, 85 प्रतिशत ग्रीनलैंडवासी अमेरिका में शामिल होने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध कर रहे हैं। इसके पक्ष में केवल 6 प्रतिशत लोग हैं। प्रदर्शन के आयोजक 'उआगुत' (डेनमार्क में रहने वाले ग्रीनलैंडवासियों का संगठन) का कहना है कि यह लड़ाई केवल ग्रीनलैंड की नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और आत्मसम्मान की रक्षा की है।

अमेरिका के भीतर भी विरोध

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप की इस योजना को खुद उनके देश के भीतर भी पूर्ण समर्थन नहीं मिल रहा है। कोपेनहेगन पहुंचे अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि ट्रंप की यह सोच अमेरिकी जनता की सामान्य राय का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। इसके साथ ही, यूरोपीय देशों ने भी ग्रीनलैंड की स्वायत्तता का समर्थन किया है।

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