Bangladesh Anti-India slogans: जहां एक ओर कल 1 नवंबर को दिल्ली में विपक्षी दलों की महारैली निकाली जाएगी वहीं दूसरी ओर भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी भारत विरोधी नारे लगने शुरू हो गए हैं। दरअसल, बांग्लादेश में प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर भारत विरोधी नारे लगे।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को नेशनल सिटिजन पार्टी यानी NCP के नेता नाहिद इस्लाम ने बड़ी रैली की। इस रैली में हजारों लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन में महंगाई, बिजली संकट और ईंधन व गैस की कमी को लेकर बांग्लादेशी सरकार तारिक रहमान का विरोध किया गया। इतना ही नहीं, लोगों ने गृह मंत्री और ऊर्जा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी की है।
बता दें कि ढाका के नाहिद इस्लाम के नेतृत्व में नेशनल म्यूजियम के सामने रैली का आयोजन किया गया। मौके पर भारत विरोधी नारे भी लगाए गए। नाहिद इस्लाम जो 2024 जुलाई विद्रोह के प्रमुख चेहरों में से एक हैं, जब उस विद्रोह के बाद शेख हसिना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।
रैली को संबोधित करते हुए NCP के नेता नाहिद इस्लाम ने कहा कि भारत बांग्लादेश के खिलाफ साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार भारत की साजिशों से हमें नहीं बचा सकती।
उन्होंने देश के बॉर्डर पर लोगों की हत्या, असम और पश्चिम बंगाल में मुस्लमानों के साथ भेदभाव और दिल्ली में मस्जिदों को गिराने होने के दावे किए हैं।
नाहिद इस्लाम ने रैली के दौरान भारत देश की कई नीतियों का विरोध भी किया। इस दौरान उन्होंने गंगा जल समझौते का भी मुद्दा उठाया। चेतावनी दी कि यदि भारत के साथ इस समझौते पर निष्पक्ष बात नहीं हुई तो हम लोग फिर सड़कों पर विरोध करेंगे।
दरअसल, भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर 30 साल का समझौता हुआ था जो दिसंबर 2026 में खत्म हो रहा है। इसके तहत जनवरी से मई के बीच प. बंगाल के फरक्का बैराज पर गंगा के पानी का बंटवारा होता है।
बांग्लादेश में बिजली संकट और महंगाई की समस्या बनी हुई है। बता दें कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।
बता दें कि बांग्लादेश अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा तेल और 30% गैस आयात करता है। बिजली कटौली का असर वहां के कपड़ा उद्योग पर भी पड़ा है। ऐसे में बढ़ती महंगाई ने बांग्लादेश में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।