मेटे फ्रेडरिकसेन, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ट्रंप को चुनौती देना पड़ा भारी! डेनमार्क की PM फ्रेडरिकसेन की करारी हार, बहुमत खोने के बाद दिया इस्तीफा

Denmark PM Resigns: डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने आम चुनाव में बहुमत खोने के बाद इस्तीफा दे दिया है। 120 साल में पार्टी के सबसे खराब प्रदर्शन के बीच अब गठबंधन की कवायद तेज हो गई है।

अमन उपाध्याय

Denmark Election Results: यूरोपीय देश डेनमार्क में हुए आम चुनाव के नतीजों ने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने अपने गठबंधन की भारी हार के बाद पद से इस्तीफा देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राजमहल द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, फ्रेडरिकसेन ने अपनी तीन-पक्षीय गठबंधन सरकार का इस्तीफा किंग को सौंप दिया है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वह एक बार फिर गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश कर सकती हैं।

1903 के बाद पार्टी का सबसे शर्मनाक प्रदर्शन

मेटे फ्रेडरिकसेन की 'सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी' के लिए यह चुनाव ऐतिहासिक रूप से निराशाजनक रहा है। 179 सीटों वाली डेनिश संसद में पार्टी को केवल 38 सीटें मिली हैं जो 1903 के बाद से उसका सबसे खराब प्रदर्शन है। महज चार साल पहले यह संख्या 50 थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देश में बढ़ता आव्रजन संकट, जीवनयापन की बढ़ती लागत  और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता की नाराजगी ने प्रधानमंत्री को इस मोड़ पर खड़ा कर दिया है।

बहुमत का गणित और 'किंगमेकर' की भूमिका

चुनाव नतीजों में किसी भी मुख्य गुट को स्पष्ट बहुमत (90 सीटें) नहीं मिल सका है। फ्रेडरिकसेन के नेतृत्व वाले वामपंथी ब्लॉक को 84 सीटें मिली हैं, जबकि दक्षिणपंथी गुट 77 सीटों पर सिमट गया है। ऐसे में अब सत्ता की चाबी विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन की 'मॉडरेट पार्टी' के हाथों में है, जिसने 14 सीटों पर जीत दर्ज की है। एक निर्गुट और मध्यमार्गी दल होने के नाते यह पार्टी 'किंगमेकर' बनकर उभरी है और अब यही तय करेगी कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा।

ग्रीनलैंड और ट्रंप का साया

चुनाव प्रचार के दौरान घरेलू समस्याओं ने प्रधानमंत्री फ्रेडरिकसेन के उस अंतरराष्ट्रीय रुख को भी पीछे छोड़ दिया जिसमें उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड खरीदने की महत्वाकांक्षा का कड़ा विरोध किया था। फ्रेडरिकसेन ने जनवरी में ही चेतावनी दी थी कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा नाटो (NATO) के अंत का कारण बन सकता है। हालांकि, जनता ने इस अंतरराष्ट्रीय दृढ़ता के बजाय स्थानीय आर्थिक मुद्दों को अधिक प्राथमिकता दी।

क्या फ्रेडरिकसेन की होगी वापसी?

भले ही फ्रेडरिकसेन ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन उनकी पार्टी 21.9 प्रतिशत समर्थन के साथ अब भी डेनमार्क की सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। बुधवार से शुरू होने वाली कठिन और लंबी गठबंधन वार्ताओं में वह फिर से गठबंधन बनाने की दावेदारी पेश कर सकती हैं। यदि वह 'किंगमेकर' मॉडरेट पार्टी को मनाने में सफल रहती हैं तो वह तीसरे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री के रूप में लौट सकती हैं। फिलहाल, डेनमार्क में एक अस्थिर राजनीतिक माहौल है और नई सरकार के गठन में हफ्तों का समय लग सकता है।

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