Nirmala Sitharaman Qatar Visit 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की 11वीं वार्षिक बैठक और 'एआईआईबी इन्वेस्टर्स डायलॉग 2026' में हिस्सा लेने के लिए कतर की राजधानी दोहा पहुंच गई हैं। दोहा के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कतर में भारत के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने उनका औपचारिक स्वागत किया। भारत एआईआईबी का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है, ऐसे में वित्त मंत्री का यह दो दिवसीय दौरा वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग और आर्थिक रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एआईआईबी के अध्यक्ष के अलावा जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकें करेंगी।
इसके अलावा वह कतर सरकार के शीर्ष नेतृत्व और प्रमुख उद्योगपतियों व निवेशकों के साथ भी संवाद करेंगी। बता दें कि भारत और कतर के बीच मजबूत ऊर्जा संबंध हैं और यह दौरा दोनों देशों के बीच व्यापारिक व रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेगा।
दोहा के हमद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कतर में भारत के राजदूत श्रीकर रेड्डी कोप्पुला ने उनका स्वागत किया।
वित्त मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, केंद्रीय वित्त मंत्री अगले दो दिनों के दौरान दोहा में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की 11वीं वार्षिक बैठक और एआईआईबी इन्वेस्टर्स डायलॉग 2026 में भाग लेंगी।
वह एआईआईबी के अध्यक्ष के साथ-साथ जॉर्डन, स्विट्जरलैंड, अल्जीरिया, सऊदी अरब और नेपाल के अपने समकक्षों के साथ अन्य महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी। वित्त मंत्री एआईआईबी में भारत के गवर्नर के रूप में बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेंगी।
दरअसल, भारत एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है। आधिकारिक यात्रा के दौरान वित्त मंत्री कतर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात करेंगी। इसके अलावा, वह कतर के कारोबारी नेताओं और निवेशकों के साथ भी बातचीत करेंगी।
एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जो एशिया और दुनिया भर में आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों में सुधार के लिए सड़कों, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रणालियों जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण के लिए वित्त पोषण करता है।
बीजिंग में मुख्यालय वाले इस बैंक जनवरी 2016 में 100 अरब डॉलर की पूंजी के साथ काम शुरू किया था। बैंक के 111 स्वीकृत सदस्य देश हैं।
बैंक के प्रमुख क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण की रक्षा करने वाली परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण करना, परिवहन एवं डिजिटल नेटवर्क को बेहतर बनाना और देशों के बीच जल संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
इसके अलावा, बैंक बड़े पैमाने पर सार्वजनिक और निजी विकास परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए निजी निवेशकों के साथ भी काम करता है।
भारत और कतर के बीच मजबूत द्विपक्षीय ऊर्जा संबंध हैं। भारत की पेट्रोनेट एलएनजी और कतरएनर्जी के बीच 20 साल का एलएनजी समझौता है, जिसके तहत 2028 से 2048 तक हर साल 75 लाख टन एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।