

FCRA Amendment Bill: संसद की संयुक्त कमेटी मंगलवार 29 सितंबर को फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 की जांच के लिए दूसरी बार बैठक करेगी। जेपीसी की यह बैठक पार्लियामेंट बिल्डिंग में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में गृह मंत्रालय और कानून व न्याय मंत्रालय के अधिकारी जेपीसी के सदस्यों को प्रस्तावित कानून के अलग-अलग प्रावधानों के बारे में जानकारी देंगे। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, यह बैठक 29 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कमिटी रूम 3 में होगी और इसके बाद वर्किंग लंच होगा।
कमिटी को गृह मंत्रालय और कानून व न्याय मंत्रालय के प्रतिनिधियों से फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 के अलग-अलग प्रावधानों पर क्लॉज-वाइज जानकारी मिलेगी। दोपहर 2 बजे से, पैनल अपने क्षेत्र के जानकारों और स्टेकहोल्डर्स की राय सुनेगा। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी और दिल्ली हाई कोर्ट के लिए भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा शामिल होंगे। यह बैठक हाल ही में बनी जॉइंट कमिटी की दूसरी बैठक होगी।
कमिटी की पहली बैठक 18 सितंबर को नई दिल्ली में हुई थी। पहली बैठक के दौरान, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पैनल के सदस्यों को प्रस्तावित कानूनी बदलावों के पीछे की वजह, मकसद और व्यापक पॉलिसी फ्रेमवर्क के बारे में जानकारी दी। इस ब्रीफिंग में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि प्रस्तावित बदलावों से विदेशी फंड पर चलने वाले गैर-सरकारी संगठनों, शिक्षण संस्थानों, थिंक टैंक और अन्य संस्थाओं के लिए कंप्लायंस, कामकाज में पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी का तरीका कैसे बदल सकता है।
पहली बैठक के बाद, कमिटी के चेयरमैन और बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि बातचीत अच्छी रही और सभी पार्टियों के सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लिया। जयसवाल ने कहा था कि बैठक अच्छे माहौल में हुई। सांसदों ने सवाल उठाए। बता दें कि सदस्यों को शीतकालीन सत्र से पहले रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है। हाल ही में खत्म हुए मॉनसून सत्र के दौरान, इस बिल को विस्तार से जांच के लिए संयुक्त समिति को भेजा गया था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में यह प्रस्ताव पेश किया था।
समिति को विधेयक के प्रावधानों की जांच करने और शीतकालीन सत्र 2026 के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है। समिति की बैठकों के लिए कोरम (न्यूनतम उपस्थिति) कुल सदस्यों का एक-तिहाई तय किया गया है। यह विधेयक 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था, जबकि संशोधित FCRA नियम, 2026 की अधिसूचना 22 जून को जारी की गई थी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सहित विपक्षी दलों ने प्रस्तावित संशोधनों का विरोध किया है।